☰
×

दिल्ली गैंगरेप केस में बड़ा अपडेट, 300 से ज्यादा CCTV और तकनीकी जांच से तीनों आरोपी गिरफ्तार

 

दिल्ली के कालकाजी इलाके के आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय लड़की से कथित गैंगरेप के मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने बड़े स्तर पर जांच शुरू की और पार्क के आसपास तथा आरोपियों के आने-जाने वाले रास्तों की 300 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। पुलिस ने तकनीकी इनपुट और पीड़िता की ओर से बताए गए हुलिए व अन्य जानकारियों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई।

तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

पुलिस के मुताबिक मामले में आसिफ, हेमंत और मुकेश को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि तीनों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर पीड़िता और उसके दोस्त को डराया था। इसके बाद दोनों को पार्क के सुनसान हिस्से में ले जाया गया और लड़की के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। मामले में POCSO एक्ट समेत संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

मुख्य आरोपी आसिफ को पुलिस ने अमर कॉलोनी इलाके में हुई मुठभेड़ के बाद पकड़ा। पुलिस का कहना है कि उसने टीम पर गोली चलाई थी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। उसके पास से कथित तौर पर एक पिस्टल बरामद की गई। इसके बाद बाकी दो आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

300 से ज्यादा CCTV फुटेज की जांच

इस केस की जांच में CCTV फुटेज अहम कड़ी बनी। पुलिस ने सिर्फ आस्था कुंज पार्क की फुटेज ही नहीं, बल्कि पार्क तक पहुंचने और वहां से निकलने वाले रास्तों पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली।

जांचकर्ताओं ने आरोपियों की पहचान के लिए पीड़िता द्वारा बताए गए कपड़ों, हुलिए और उनके भागने के रास्ते जैसी जानकारियों को CCTV और तकनीकी इनपुट से मिलाया। रिपोर्टों के मुताबिक, पीड़िता द्वारा दी गई जानकारी ने आरोपियों तक पहुंचने में पुलिस की मदद की।

फोरेंसिक जांच में भी जुटे सबूत

पुलिस ने घटनास्थल से फोरेंसिक सबूत जुटाए हैं और आरोपियों के कपड़ों को भी जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन और डिजिटल गतिविधियों की भी जांच कर रही है। तीनों आरोपियों के फोन फोरेंसिक साइंस लैब यानी FSL भेजे गए हैं, ताकि डिजिटल सबूतों की जांच की जा सके।

जांच में यह भी सामने आया है कि दो आरोपियों ने घटना के बाद अपने कपड़े धोए थे और मोबाइल की सर्च हिस्ट्री डिलीट करने की कोशिश की थी। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह कथित तौर पर सबूत मिटाने की कोशिश थी।

12 गवाहों के बयान दर्ज

25 सितंबर के ताजा अपडेट के मुताबिक, पुलिस अब तक 12 गवाहों के बयान दर्ज कर चुकी है। जांच अधिकारी इन बयानों को CCTV फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के साथ मिलाकर देख रहे हैं, ताकि घटना की पूरी कड़ी को स्पष्ट किया जा सके। तीनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

आरोपियों की पुरानी गतिविधियों की भी जांच

पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपियों का पहले भी किसी इसी तरह की घटना से संबंध रहा है। जांच एजेंसियां उनके पुराने रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और स्थानीय गतिविधियों की जानकारी जुटा रही हैं। पुलिस यह भी जांच रही है कि आस्था कुंज पार्क में पहले ऐसी कोई घटना हुई थी या नहीं, जो रिपोर्ट नहीं की गई हो।

फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस CCTV, फोरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल सबूत, गवाहों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट समेत सभी साक्ष्यों को आपस में मिलाकर आगे की कार्रवाई कर रही है। अदालत में आरोप साबित होना अभी बाकी है।