1 सितंबर से एयरपोर्ट पर बड़ा बदलाव! इंटरनेशनल यात्रियों को नहीं करवानी होगी Boarding Pass की स्टैम्पिंग
1 सितंबर से, भारत के बड़े इंटरनेशनल एयरपोर्ट से विदेश जाने वाले भारतीय और विदेशी नागरिकों के लिए हवाई यात्रा के नियमों में ढील दी जा रही है। गृह मंत्रालय के तहत आने वाले ब्यूरो ऑफ़ इमिग्रेशन (BoI) ने इमिग्रेशन काउंटर पर फिजिकल बोर्डिंग पास पर अनिवार्य स्टैम्पिंग की प्रक्रिया को खत्म करने का फैसला किया है।
सवाल: 1 सितंबर से इंटरनेशनल यात्रियों के लिए कौन सा नया नियम लागू हो रहा है?
जवाब: 1 सितंबर से, देश के किसी भी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से विदेश जाने वाले यात्रियों को इमिग्रेशन अधिकारियों से अपने फिजिकल बोर्डिंग पास पर स्टैम्प लगवाने की ज़रूरत नहीं होगी। यात्री अपने स्मार्टफोन पर ई-बोर्डिंग पास दिखाकर आसानी से इमिग्रेशन क्लीयरेंस पा सकेंगे।
सवाल: अगर किसी यात्री के पास फिजिकल बोर्डिंग पास हो तो क्या होगा?
जवाब: अगर कोई यात्री पेपर बोर्डिंग पास साथ रखता है, तो उसे रोका नहीं जाएगा। फिजिकल बोर्डिंग पास पूरी तरह से मान्य रहेगा, लेकिन इमिग्रेशन अधिकारी उस पर स्टैम्प नहीं लगाएंगे।
सवाल: सरकार और ब्यूरो ऑफ़ इमिग्रेशन को यह फ़ैसला क्यों लेना पड़ा?
जवाब: अधिकारियों के अनुसार, बोर्डिंग पास पर स्टैम्पिंग से यात्रियों को काफ़ी परेशानी हो रही थी और लाइनें लंबी हो रही थीं। इसके अलावा, अगर स्टैम्प साफ़ न हो या ठीक से न लगाया गया हो, तो बोर्डिंग पास पढ़ने में अक्सर दिक्कतें आती थीं। इन बातों को ध्यान में रखते हुए, ब्यूरो ऑफ़ इमिग्रेशन (गृह मंत्रालय के तहत) ने इस प्रक्रिया को बंद करने का फ़ैसला किया।
सवाल: क्या एयरपोर्ट सिक्योरिटी चेक के दौरान भी बोर्डिंग पास पर स्टैम्प लगाया जाता है?
जवाब: नहीं। सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फ़ोर्स (CISF) ने कई साल पहले घरेलू और इंटरनेशनल यात्रियों के सिक्योरिटी चेक के बाद बोर्डिंग पास पर स्टैम्प लगाने की प्रक्रिया बंद कर दी थी। यह प्रक्रिया सिर्फ़ इमिग्रेशन काउंटर पर जारी थी, और अब इसे 1 सितंबर से बंद किया जा रहा है।
सवाल: ई-बोर्डिंग पास क्या है और यात्री इसका इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं? जवाब: जब यात्री अपनी एयरलाइन की वेबसाइट या ऐप के ज़रिए वेब चेक-इन पूरा करते हैं, तो उन्हें अपने मोबाइल फ़ोन पर एक डिजिटल बोर्डिंग पास मिलता है। 1 सितंबर से, यात्री इमिग्रेशन काउंटर पर इस ई-बोर्डिंग पास के QR कोड या बारकोड को स्कैन करके आगे बढ़ सकेंगे।
सवाल: पासपोर्ट पर इमिग्रेशन एंट्री और एग्जिट स्टैम्प के बारे में क्या योजना है?
जवाब: बोर्डिंग पास वाली पहल के बाद, ब्यूरो ऑफ़ इमिग्रेशन अब भारतीय पासपोर्ट धारकों के पासपोर्ट पर इमिग्रेशन स्टैम्पिंग (आने और जाने के स्टैम्प) को खत्म करने की योजना बना रहा है। इसके लिए अभी एक पायलट प्रोजेक्ट चल रहा है। इसके सफल होने के बाद, इस सिस्टम को देश के सभी इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स पर चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
सवाल: इस नए फैसले से इंटरनेशनल यात्रियों को क्या फायदा होगा?
जवाब: इसके तीन मुख्य फायदे होंगे...
समय की बचत: इमिग्रेशन काउंटर पर मैन्युअल रूप से डॉक्यूमेंट्स की जांच और स्टैम्पिंग में लगने वाला समय बचेगा, जिससे लाइन तेज़ी से आगे बढ़ेगी।
पेपरलेस यात्रा: यात्रियों को फिजिकल प्रिंटआउट संभालने की परेशानी से छुटकारा मिलेगा।
डिजिटल अनुभव: एयरपोर्ट्स पर डिजीयात्रा (DigiYatra) और ई-गेट्स जैसे आधुनिक डिजिटल सिस्टम को बढ़ावा दिया जाएगा।
सवाल: क्या यह सिस्टम देश के सभी इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स पर एक साथ लागू किया जाएगा?
जवाब: हाँ, ब्यूरो ऑफ़ इमिग्रेशन के निर्देशों के अनुसार, यह सिस्टम 1 सितंबर से देश के सभी इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स पर लागू किया जाएगा।
सवाल: भविष्य में भारत के इमिग्रेशन सिस्टम में और क्या बड़े बदलाव किए जा सकते हैं?
जवाब: निकट भविष्य में भारतीय इमिग्रेशन सिस्टम को पूरी तरह से ऑटोमेटेड और बायोमेट्रिक-आधारित बनाने की योजना है।
पासपोर्ट स्टैम्पिंग खत्म होने के बाद, यात्री ई-गेट्स और फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के इमिग्रेशन क्लीयरेंस प्राप्त कर सकेंगे।
जानें कि ई-बोर्डिंग पास और डिजीयात्रा क्या हैं। ई-बोर्डिंग पास: यह आपकी एयरलाइन द्वारा जारी किया गया एक डिजिटल बोर्डिंग पास है, जो आपके फ़ोन में वॉलेट, PDF या इमेज फॉर्मेट में स्टोर रहता है।
बायोमेट्रिक इमिग्रेशन: दुनिया भर के आधुनिक एयरपोर्ट्स (जैसे सिंगापुर और दुबई में) पासपोर्ट या बोर्डिंग पास पर फिजिकल स्टैम्पिंग के बजाय फेशियल स्कैन और ऑटोमेटेड ई-गेट्स का इस्तेमाल करते हैं। भारत भी डिजीयात्रा ऐप के साथ इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।