TMC को बड़ा झटका, तीन पूर्व राज्यसभा सांसद BJP में शामिल; वीडियो में जाने बंगाल की राज्यसभा सीटों पर उपचुनाव लड़ेंगे
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के तीन पूर्व राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर राय और प्रकाश चिक बराइक गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। भाजपा ने इन तीनों नेताओं को बंगाल की तीन राज्यसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है।
तीनों नेताओं के भाजपा में शामिल होने को ममता बनर्जी की पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इससे पहले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में TMC की जीत के बाद भी इन नेताओं ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ नाराजगी जाहिर की थी।
TMC छोड़ने के बाद जताई थी नाराजगी
सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर राय और प्रकाश चिक बराइक ने राज्यसभा की सदस्यता के साथ-साथ TMC से भी इस्तीफा दे दिया था। तीनों नेताओं ने पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा था कि संगठन में फैसले मनमाने तरीके से लिए जा रहे हैं।सुखेंदु शेखर राय ने 8 जून को, सुष्मिता देव ने 10 जून को और प्रकाश चिक बराइक ने 11 जून को अपना इस्तीफा सौंपा था। इसके बाद से ही उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही थीं।
BJP ने बनाया राज्यसभा उपचुनाव का उम्मीदवार
भाजपा ने तीनों नेताओं को अब पश्चिम बंगाल की खाली हुई राज्यसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए मैदान में उतारा है। पार्टी की रणनीति बंगाल में अपने संगठन को मजबूत करने और अनुभवी नेताओं को साथ जोड़ने की मानी जा रही है।सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर राय और प्रकाश चिक बराइक लंबे समय तक TMC में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। ऐसे में उनके भाजपा में आने से राज्य की सियासत में नई हलचल शुरू हो गई है।
24 जुलाई को होगा मतदान और मतगणना
पश्चिम बंगाल की इन तीन राज्यसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए चुनाव कार्यक्रम जारी हो चुका है। इसके तहत 24 जुलाई को मतदान और उसी दिन मतगणना होगी।नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 14 जुलाई तय की गई है, जबकि नामांकन पत्रों की जांच 15 जुलाई को होगी। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीनों सीटों पर नए राज्यसभा सदस्यों का चयन किया जाएगा।
बंगाल में भाजपा की नजर राज्यसभा समीकरण पर
भाजपा लंबे समय से पश्चिम बंगाल में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। विधानसभा चुनावों में पार्टी मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी थी। अब TMC के तीन वरिष्ठ नेताओं को अपने पाले में लाकर भाजपा राज्यसभा में भी अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है।वहीं, TMC के लिए यह घटनाक्रम पार्टी के अंदर की नाराजगी और नेतृत्व को लेकर उठ रहे सवालों को फिर से सामने ला सकता है। आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति में इस दल-बदल का असर देखने को मिल सकता है।