NEET UG पेपर लीक मामले में बड़ा एक्शन, आरोपी शिवराज मोटेगांवकर के बेटे आदित्य पर NTA ने लगाया 2 साल का बैन
महाराष्ट्र के लातूर स्थित RCC कोचिंग सेंटर के संचालक और NEET UG पेपर लीक मामले में आरोपी शिवराज मोटेगांवकर के बेटे आदित्य मोटेगांवकर के खिलाफ नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने कार्रवाई की है। NTA ने आदित्य को दो साल तक NEET UG परीक्षा में शामिल होने से प्रतिबंधित कर दिया है। एजेंसी के अनुसार, आदित्य को NEET UG 2027 के लिए भी अयोग्य घोषित किया गया है। इस साल की परीक्षा का उसका रिजल्ट भी रोक दिया गया है।
शिवराज मोटेगांवकर फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। CBI ने 2026 की NEET UG पेपर लीक जांच में उसे आरोपी बनाया है। एजेंसी के अनुसार, शिवराज ने कथित तौर पर केमिस्ट्री के सवाल हासिल करने के लिए NTA के प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़े पीवी कुलकर्णी को 5 लाख रुपये दिए थे।
CBI का दावा है कि शिवराज का बेटा आदित्य पीवी कुलकर्णी की कोचिंग क्लास में जाता था। जांच एजेंसी के मुताबिक, इसी दौरान उसे परीक्षा से जुड़े केमिस्ट्री के सवाल उपलब्ध कराए गए थे। CBI ने अदालत में यह भी कहा है कि शिवराज के फोन से बरामद हस्तलिखित केमिस्ट्री सवालों में से बड़ी संख्या NEET UG 2026 के मास्टर प्रश्नपत्रों से मेल खाती थी।
NTA ने पहले रोका था रिजल्ट
NEET UG की दोबारा हुई परीक्षा के बाद NTA ने आदित्य का रिजल्ट रोक दिया था और कथित अनियमितताओं को लेकर उससे जवाब मांगा था। आदित्य ने अपने जवाब में परीक्षा में किसी तरह के अनुचित साधन का इस्तेमाल करने से इनकार किया था। उसने यह भी सवाल उठाया था कि नोटिस 3 मई की परीक्षा से जुड़ा था, जबकि दोबारा हुई परीक्षा का रिजल्ट क्यों रोका गया। इसके बाद NTA ने आदित्य को दो साल के लिए परीक्षा से डिबार करने का फैसला लिया। NTA के 19 सितंबर के संचार के अनुसार, उसे NEET UG 2027 में शामिल होने के लिए भी अयोग्य घोषित किया गया है।
CBI ने 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की
NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI ने 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। जांच एजेंसी के अनुसार, पेपर लीक में NTA के पैनल से जुड़े पीवी कुलकर्णी की कथित भूमिका सामने आई है। शिवराज मोटेगांवकर पर आरोप है कि उसने लीक हुए केमिस्ट्री सवाल हासिल किए और उनका इस्तेमाल अपने बेटे समेत अन्य छात्रों के लाभ के लिए किया। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष आना बाकी है।