भूस्खलन से बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग, नारायणबगड़–कर्णप्रयाग मुख्य सड़क और एनएच-5 बंद
किन्नौर, 6 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में किन्नौर के निचार खंड के तहत निगुलसरी में मंगलवार सुबह हल्की बारिश के कारण भूस्खलन हो गया। पहाड़ों से पत्थर गिरने के कारण राष्ट्रीय उच्च मार्ग-5 अवरुद्ध हो गया है। इस जगह पर पहाड़ों से पत्थरों के गिरने का सिलसिला जारी है। इसी तरह हेलंग में भूस्खलन से बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग और आमसौड में भूस्खलन होने के कारण नारायणबगड़–कर्णप्रयाग मुख्य सड़क मार्ग पूर्णतः अवरुद्ध हो गया है।
प्रशासन ने फिलहाल भूसखलन के बाद निगुलसरी समीप सड़क पर लोगों को सफर न करने का आग्रह किया है। प्रशासन द्वारा वैकल्पिक मार्ग से वाहनों की आवाजाही की व्यवस्था की है। लेकिन बारिश के दौरान वेकल्पिक मार्ग में भी पहाड़ों से पत्थरों के गिरने का खतरा बना हुआ है। निगुलसरी भूस्खलन क्षेत्र के सड़क से मलबा व चट्टानों को हटाने के लिए प्रशासन प्रयासरत है, लेकिन पहाड़ों से गिर रहे पत्थरों के कारण मार्ग बहाली में बाधा उत्पन्न हो रही है।
जिले में बीते कई दिनों से मौसम का मिजाज खराब हुआ है और निचार खंड में रोजाना सुबह व शाम बारिश हो रही है। लेकिन पूह खंड व कल्पा खंड में हल्की बारिश के अलावा आसमान में केवल बादल छाए हुए हैं।
किन्नौर में बरसात के दौरान निगुलसरी व नाथपा झूला के करीब भूस्खलन का खतरा लगातार बना रहता है। सेब व मटर सीजन के दौरान बागवानों व किसानों के लिए यह जगह परेशानी का सबब बन जाती है।
मौसम विज्ञान केंद्र मुताबिक, राज्य के अधिकांश जिलों में गुरुवार को हल्की से मध्यम वर्षा और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। देहरादून, चमोली और बागेश्वर में भारी वर्षा के साथ आकाशीय बिजली चमकने की आशंका जताई गई है।
इसके अलावा टिहरी, उत्तरकाशी, पौड़ी, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और रुद्रप्रयाग जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने के साथ बिजली गिरने की आशंका मौसम विभाग ने जताई है। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में भी गरज-चमक के साथ बारिश का अलश का अलर्ट है।
--आईएएनएस
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