भ्रष्टाचार को लेकर बाबूलाल मरांडी का हेमंत सोरेन सरकार पर हमला, कहा-समय रहते व्यवस्था सुधारिए
रांची, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए उनके कार्यकाल में भ्रष्टाचार और कथित घोटालों को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि सत्ता स्थायी नहीं होती और सरकार को समय रहते व्यवस्था में सुधार कर जनता का भरोसा कायम करना चाहिए।
पूर्व सीएम और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री से आत्ममंथन करने की अपील की। उन्होंने जमीन घोटाला, शराब नीति, पत्थर और पेपर लीक से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि इन मामलों में अदालतों और जांच एजेंसियों की कार्रवाई तथा टिप्पणियां सरकार के लिए गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि जमीन घोटाला मामले में मुख्यमंत्री के खिलाफ आरोप गठित हो चुका है। उन्होंने ईडी अधिकारियों के खिलाफ एससी-एसटी अधिनियम के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले में हाई कोर्ट द्वारा जुर्माना लगाए जाने का भी उल्लेख किया। इसके अलावा उन्होंने शराब नीति से जुड़े मामले में एसीबी की अदालत में कथित तौर पर सामने आई रिश्वत की बात और पत्थर घोटाले में सीबीआई जांच के आदेश का हवाला दिया।
मरांडी ने पेपर लीक मामले को लेकर भी मुख्यमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले सरकार ने छात्रों को ही माफिया बताया था, जबकि अब अदालत के समक्ष ऐसे साक्ष्य सामने आने की बात कही जा रही है, जिनमें करीबी लोगों पर पैसे लेकर साक्षात्कार में अंक बढ़ाने के आरोप हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि यदि सरकार अपने विश्वस्त लोगों और अधिकारियों को भ्रष्टाचार से रोक सकती थी, तो ऐसा क्यों नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से अधिकारियों के करियर, संस्थाओं की विश्वसनीयता और जनता के व्यवस्था पर भरोसे पर असर पड़ता है। बाबूलाल मरांडी ने सीएम हेमंत सोरेन को सत्ता के स्थायित्व को लेकर भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि सत्ता और पद किसी के पास हमेशा नहीं रहते तथा राजनीतिक परिस्थितियों से सभी को सबक लेना चाहिए। उन्होंने लालू प्रसाद यादव और ममता बनर्जी का उदाहरण देते हुए कहा कि सत्ता में रहते हुए अहंकार से बचने की जरूरत है।
उन्होंने सरकार से बालू, पत्थर, कोयला और अन्य खनिज संसाधनों का उपयोग जनता के हित, विकास और रोजगार के लिए करने तथा प्रखंडों, थानों और सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार के पास अभी भी व्यवस्था में सुधार कर जनता का भरोसा कायम करने का अवसर है।
--आईएएनएस
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