कर्नाटक के आबकारी घोटाले में कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए : फखरूल हसन
लखनऊ, 26 जून (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरूल हसन चांद कर्नाटक के आबकारी विभाग में हुए घोटाले को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने शुक्रवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि समाजवादी पार्टी का हमेशा से यह मानना रहा है कि जहां कहीं पर भी भ्रष्टाचार का मामला प्रकाश में आता है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और इसमें शामिल आरोपियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
सपा के प्रवक्ता ने कहा कि एनडीए के नेता मुख्य मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए निरर्थक बयान दे रहे हैं। हमें यह ध्यान रखना होगा कि इस देश में संविधान लागू है, जिसके तहत सभी की धार्मिक आस्था सुरक्षित है। इस देश में न्यायिक प्रणाली लागू है, जिसके तहत यह सुनिश्चित किया जाता है कि सभी को न्याय मिले। ऐसी स्थिति में एनडीए के नेताओं की ओर से आने वाले यह बयान गैरजरूरी हैं, जिन पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। बाबा साहब के संविधान के तहत सभी के हितों की परवाह की जाती है।
इसके अलावा, उन्होंने शरद पवार के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि एनसीपी में हम सभी एकजुट हैं, कोई कहीं पर भी नहीं जा रहा है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए फखरूल हसन चांद ने कहा कि भाजपा विपक्षी दलों को तोड़कर बाबा साहब के संविधान को बदलने की कोशिश कर रही है, जो भाजपा 2024 के लोकसभा चुनाव में 240 पर सिमटकर रह गई। वो अब खरीद-फरोख्त करके सांसदों को तोड़ने की कोशिश कर रही है। भाजपा दो तिहाई बहुमत पाना चाहती है जिससे वो संबिधान को बदल सके। हालांकि, सपा का मानना है कि कोई कहीं पर भी नहीं जा रहा है। हम सभी लोग मजबूती के साथ संविधान को बचाने का काम कर रहे हैं। हम इसके सिद्धांतों पर किसी भी प्रकार की आंच नहीं आने देंगे।
वहीं, समान नागरिक संहिता पर उन्होंने कहा, भाजपा का चुनावी वादा 2 करोड़ रोजगार देने का था, 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का था। महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने का था। इन लोगों ने नारा दिया था कि बहुत हुई महंगाई की मार, अबकी बार भाजपा सरकार। आखिर अब इन वादों का क्या हुआ? भाजपा सिर्फ इसी बात पर ध्यान देती है कि किन मुद्दों को उठाने के बाद उनकी पार्टी को मजबूती मिलेगी। भाजपा का इस बात पर कोई ध्यान नहीं होता है कि देश कैसे मजबूत होगा। कैसे किसान मजबूत होंगे। कैसे युवाओं को रोजगार मिलेगा। अफसोस की बात है कि भाजपा का ध्यान इन मुद्दों पर बिल्कुल भी नहीं होता है। जनता का ध्यान कैसे मुख्य समस्याओं से हटे, इसलिए भाजपा ये सब काम करती है।
उन्होंने एनसीईआरटी की पुस्तकों में आपातकाल के विषय को शामिल करने को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आज इस देश में अघोषित आपातकाल है। विपक्ष के नेताओं को, पत्रकारों और अधिकारियों को सरकार के खिलाफ बोलने पर उन्हें पाकिस्तान और खालिस्तानी कहा जाता है। उन्हें विद्रोही कहा जाता है। सपा का कहना है कि एक तरफ भाजपा की ओर से आपातकाल का जिक्र किया जा रहा है। मौजूदा समय में जिस तरह से अघोषित आपातकाल लगा हुआ है, उसका जिक्र नहीं किया जा रहा है। मौजूदा समय में जिस तरह से आम लोगों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। सोशल मीडिया पर जिस तरह से प्रतिबंध लागू किए जा रहे हैं, जिस तरह से पत्रकारों को डराया धमकाया जा रहा है, उसका जिक्र नहीं किया जा रहा है।
इसके अलावा, उन्होंने भाजपा की ओर से लगाए गए उस पोस्टर पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें राहुल गांधी का तस्वीर लगाते हुए यह सवाल किया गया था कि आखिर वो कहां गए हुए हैं? उनके बारे में कुछ पता नहीं लग पा रहा है। वो विदेश दौरे पर गए हुए हैं या भारत में ही हैं। इसी को लेकर पूरी तस्वीर साफ नहीं हो पा रही है।
इस पर सपा प्रवक्ता फखरूल हसन चांद ने कहा कि हर सरकार को जानकारी होती है कि उनके नागरिक अपने पासपोर्ड से किस देश में गए हुए हैं। अब जिस तरह से राहुल गांधी के पोस्टर लगाए गए हैं, उसे लेकर यह सरकार बेवजह का विवाद पैदा करने की कोशिश कर रही है। अब उत्तर प्रदेश में रोज पोस्टर लगाए जाते हैं। सपा का मानना है कि भाजपा विपक्ष को परेशान करने के लिए रोज इस तरह के पोस्टर लगा रही है। ऐसा करके सुनियोजित तरह से विपक्ष को परेशान करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन, सपा का मानना है कि यह सब इसलिए हो रहा है, क्योंकि नौजवान परेशान हैं, किसान परेशान हैं, लिहाजा इन्हीं सब मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए भाजपा की ओर से इस तरह के पोस्टर लगाए जा रहे हैं।
उधर, ममता बनर्जी की पूर्व की सरकार के संबंध में पेश किए जाने वाले कैग रिपोर्ट पर भी सपा प्रवक्ता ने अपनी बात रखी। उनके मुताबिक, जिस कैग की रिपोर्ट की बात की जा रही है। इसके जरिए विपक्ष के नेताओं को परेशान करने की कोशिश की जा रही है। इस तरह की साजिश करना भाजपा के एजेंडे में शामिल है। भाजपा की सुवेंदु अधिकारी की सरकार में विपक्ष को परेशान करने की कोशिश की जा रही है। सपा का मानना है कि आने वाले दिनों में इन लोगों को माकूल जवाब मिलेगा।
--आईएएनएस
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