भ्रष्टाचार और टीएमसी एक-दूसरे के पर्याय, पश्चिम बंगाल निवेश के लिए अनुकूल नहीं रहा: समिक भट्टाचार्य
कोलकाता, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। कोलकाता में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य समिक भट्टाचार्य ने पश्चिम बंगाल की आर्थिक स्थिति और निवेश माहौल को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल अब निवेश के अनुकूल राज्य नहीं रह गया है, जिसके कारण बड़ी संख्या में कंपनियाँ राज्य छोड़कर जा रही हैं।
समिक भट्टाचार्य ने कहा, "पिछले 15 वर्षों में दर्जनों कंपनियां बंद हो चुकी हैं और हजारों कंपनियां लिक्विडेशन की प्रक्रिया से गुजर रही हैं। 6,300 से अधिक कंपनियां अपना मुख्यालय कोलकाता से अन्य राज्यों में स्थानांतरित कर चुकी हैं। राज्य में पूंजी, निवेश, छात्रों और श्रमिकों का लगातार पलायन हो रहा है, जो चिंताजनक स्थिति को दर्शाता है।"
उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति कमजोर है और न्याय व्यवस्था पर भरोसा कम होता जा रहा है, जिससे निवेशक यहां आने से हिचकिचा रहे हैं। किसी भी निवेशक के लिए स्थिर और सुरक्षित वातावरण जरूरी होता है, जो वर्तमान में पश्चिम बंगाल में नहीं दिखता।
भट्टाचार्य ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि महाराष्ट्र जैसे राज्यों में जहां विदेशी निवेश का स्तर लगभग 31.6 प्रतिशत है। वहीं पश्चिम बंगाल में यह मात्र 0.6 प्रतिशत के आसपास है। राज्य में प्राकृतिक संसाधनों, बंदरगाहों और योग्य मानव संसाधन की उपलब्धता के बावजूद निवेश नहीं आना सरकार की नीतियों पर सवाल खड़ा करता है।
इस दौरान उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी और भ्रष्टाचार एक-दूसरे के पर्याय बन चुके हैं और राज्य में संविधान के नियमों का सही ढंग से पालन नहीं हो रहा है। केंद्रीय एजेंसियों पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं और जनता अब सच्चाई समझ चुकी है।
समिक भट्टाचार्य ने वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह कोई सामान्य चुनाव नहीं होगा। देश-विदेश में बसे बंगाली समुदाय और राज्य के नागरिक अब विकास, उद्योग और रोजगार की मांग कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इस बार जनता बदलाव के पक्ष में निर्णय लेगी।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की मौजूदा सरकार में आर्थिक बदहाली, निवेश की कमी और प्रशासनिक विफलताताएं देखने को मिल रही है, जिससे जनता को नुकसान उठाना पड़ रहा है। जनता की समस्याएं भी सुनने वाला कोई नहीं है, जिसकी वजह से उन्होंने भाजपा को सत्ता में लाने का मन बना लिया है। 4 मई को टीएमसी के लोग सत्ता से बाहर हो जाएंगे।
--आईएएनएस
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