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सीबीआई करेगी ट्विशा शर्मा केस की जांच, डीएसपी निशु कुशवाहा बनीं जांच अधिकारी

 

नई दिल्ली, 25 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भोपाल में हुई ट्विशा की कथित दहेज हत्या के मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है। एजेंसी ने भोपाल के कटारा हिल्स थाने में पहले से दर्ज एफआईआर को दोबारा पंजीकृत करते हुए जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच के लिए सीबीआई ने डीएसपी निशु कुशवाहा को जांच अधिकारी नियुक्त किया है।

यह मामला भोपाल के कटारा हिल्स इलाके का है, जहां 12 मई को ट्विशा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने दिल्ली स्पेशल पुलिस एस्टैब्लिशमेंट एक्ट की धारा 6 के तहत सहमति देते हुए केस को सीबीआई को सौंप दिया। इसके बाद केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने 25 मई को अधिसूचना जारी कर सीबीआई को पूरे मध्य प्रदेश में जांच का अधिकार प्रदान किया।

सीबीआई ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 85 और 3(5) के साथ-साथ दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत केस दर्ज किया है। एजेंसी ने एफआईआर के तहत 25 मई 2026 को मामला दर्ज किया।

एफआईआर के अनुसार, ट्विशा की शादी 9 दिसंबर 2025 को समर्थ सिंह से हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष पर दहेज को लेकर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में कहा गया है कि ट्विशा को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जाता था। मामले में आरोपी बनाए गए लोगों में गिरीबाला सिंह (सास) और समर्थ सिंह (पति) शामिल हैं।

एफआईआर के मुताबिक, 12 मई की रात करीब 10:20 बजे महिला की मौत की सूचना पुलिस को मिली थी। शुरुआती जांच और मेडिकल रिपोर्ट में सामने आया कि ट्विशा की मौत फांसी लगने से हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में “एंटेमॉर्टम हैंगिंग” यानी जीवित अवस्था में फांसी लगाने की पुष्टि हुई है।

हालांकि, पोस्टमार्टम में शरीर के अन्य हिस्सों पर चोटों के निशान भी मिले हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ये चोटें किसी भारी वस्तु से मारपीट या हिंसा के कारण हो सकती हैं। मृतका के परिवार ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से लगातार अतिरिक्त दहेज की मांग की जा रही थी। शिकायत में यह भी कहा गया है कि शादी के दौरान दबाव बनाकर लगभग दो लाख रुपए लिए गए थे।

परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि अप्रैल 2026 में ट्विशा गर्भवती थी, लेकिन उसके पति और सास ने उसके चरित्र पर सवाल उठाते हुए दबाव बनाकर गर्भपात करवाया।

अब सीबीआई इस मामले में दहेज हत्या, प्रताड़ना, साजिश और अन्य संभावित आपराधिक पहलुओं की विस्तृत जांच करेगी।

--आईएएनएस

एसएके/डीकेपी