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भोपाल एम्स आत्महत्या मामले में एनएचआरसी ने लिया संज्ञान, नोटिस जारी कर मांगा जवाब

 

भोपाल, 5 मार्च (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित एम्स में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर सृष्टि ने अपने एचओडी परवेज पर मानसिक प्रातड़ना का आरोप लगाया। कई बार मामले की शिकायत की। लेकिन, संतुष्टिजनक कार्रवाई नहीं की गई। अंत में तंग आकर असिस्टेंट प्रोफेसर ने मौत को ही गले लगा लिया। वहीं, अब तक इस मामले में क्या कुछ कार्रवाई की गई? इस बारे में एनएचआरसी सदस्य प्रियंक कानूनगो ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात की।

प्रियंक कानूनगो ने गुरुवार को कहा कि हमने इस मामले में भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव, भोपाल पुलिस और एम्स के प्रशासन को नोटिस जारी किया है। उनसे हमने इस संबंध में रिपोर्ट भी तलब की है। हमने रिपोर्ट में पूछा है कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है कि तीन-तीन बार एक महिला चिकित्सक एम्स के प्रशासक को शिकायत करती है, लेकिन अफसोस की बात है कि इतनी शिकायत करने के बावजूद भी कोई संतुष्टिजनक कार्रवाई नहीं की जाती। आखिर ऐसा कैसे हो सकता है? अंत में स्थित इस कदर चुनौतीपूर्ण हो गई कि महिला चिकित्सक को मौत को ही गले लगाना पड़ गया।

प्रियंक कानूनगो ने आगे कहा कि हमने तीनों को इस मामले में नोटिस जारी कर संतुष्टिजनक जवाब 15 दिनों के अंदर मांगा है। हमने नोटिस में मामले की गंभीरता पर सवाल उठाया और पूछा है कि आखिर इतनी बार शिकायत किए जाने के बावजूद भी कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

उन्होंने कहा कि हमने कार्यस्थल पर मौजूद पोश कमेटी से शिकायत मांगी है। हमने शिकायत में कई सवालों के जवाब मांगे हैं, जिसमें प्रमुख रूप से यह है कि इन तीन सालों में उस महिला चिकित्सक ने क्या-क्या कदम उठाए हैं? इस शिकायत के अलावा दूसरे कई मामलों को लेकर उस महिला चिकित्सक ने जवाब मांगे हैं, इस बारे में भी हमने जवाब मांगे हैं। हमने इस बारे में पूरी विस्तृत जानकारी मांगी है।

उन्होंने कहा कि अस्पताल में किसी-भी डॉक्टर का इस तरह से दबावपूर्ण माहौल में काम करना दुर्भाग्यपूर्ण है। अगर अस्पताल प्रशासन इस दिशा में किसी भी प्रकार का कदम नहीं उठा पा रहे हैं, तो मैं समझता हूं कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता है। हमारे पास जब इस मामले के संबंध में पूरी जांच रिपोर्ट आएगी, तो हम आगे की कार्रवाई करेंगे।

--आईएएनएस

डीएससी