भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में बंद, सेंसेक्स 417 अंक फिसला; निफ्टी 0.40 प्रतिशत टूटा
मुंबई, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया तनावों के बीच अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर अनिश्चितता के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए।
बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 416.72 अंकों यानी 0.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,886.91 पर था, तो वहीं एनएसई निफ्टी50 97 (0.40 प्रतिशत) अंक गिरकर 23,995.70 पर पहुंच गया।
दिन के कारोबार के दौरान 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 77,094.79 पर खुलकर 77,493.53 का इंट्रा-डे हाई और 76,741.06 का इंट्रा-डे लो बनाया। वहीं निफ्टी50 24,049.90 पर खुलकर 24,181.80 का इंट्रा-डे हाई और 23,957.05 का इंट्रा-डे लो बनाया।
व्यापक बाजारों ने बेंचमार्क सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन किया, जिसमें निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.42 प्रतिशत और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.28 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
सेक्टरवार देखें तो निफ्टी ऑयल एंड गैस (1.55 प्रतिशत की तेजी) और निफ्टी मेटल (0.51 प्रतिशत की तेजी) को छोड़कर तकरीबन सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में ट्रेड करते नजर आए।
सबसे ज्यादा निफ्टी पीएसयू बैंक में 2.15 प्रतिशत, निफ्टी प्राइवेट बैंक में 1.23 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो में 1.01 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।
निफ्टी 50 पैक में एक्सिस बैंक, मारुति, एचसीएल टेक, श्रीराम फाइनेंस, इंडिगो, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज-ऑटो, एसबीआई और इंफोसिस के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई, और ये टॉप लूजर्स की लिस्ट में शामिल रहे।
वहीं, इसके विपरीत ओएनजीसी, अदाणी एंटरप्राइजेज और कोल इंडिया के शेयरों में 5-3 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा, नेस्ले इंडिया, भारती एयरटेल, टेक महिंद्रा, इटरनल और टाटा स्टील के शेयर भी बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए।
ब्रेंट क्रूड 2.98 प्रतिशत बढ़कर 111.46 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करते नजर आया, क्योंकि महत्वपूर्ण जलमार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के प्रस्ताव से नाखुश हैं, क्योंकि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए एक समझौते का प्रस्ताव रखा है और पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त होने तक अपने परमाणु कार्यक्रम का कोई जिक्र नहीं किया है।
--आईएएनएस
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