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भर्ती घोटाला मामले में अभिषेक बनर्जी के सचिव सुमित रॉय को कलकत्ता हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

 

कोलकाता, 3 अगस्त (आईएएनएस)। कलकत्ता हाईकोर्ट ने कथित भर्ती घोटाला मामले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद अभिषेक बनर्जी के सचिव सुमित रॉय को अग्रिम जमानत दे दी है। हालांकि, सरकारी जमीन कब्जा से जुड़े मामले में उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की एकल पीठ ने की।

अदालत ने अपने आदेश में सुमित रॉय को निर्देश दिया कि वे 10 दिनों के भीतर जांच अधिकारी (आईओ) के समक्ष उपस्थित हों और जांच में पूरा सहयोग करें।

सुनवाई के दौरान सुमित रॉय की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सब्यसाची बनर्जी ने दलील दी कि जांच एजेंसी को मुख्य आरोपियों आशिक गाजी इमाम और सुजय हाजरा के साथ उनके किसी भी प्रकार के डिजिटल संचार का कोई सबूत नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि कथित भर्ती घोटाले से जुड़े किसी भी दस्तावेज पर सुमित रॉय के हस्ताक्षर नहीं हैं और न ही किसी मेडिकल टेस्ट या भर्ती प्रक्रिया के दस्तावेज में उनका नाम या हस्ताक्षर मौजूद है।

बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि शिकायतकर्ताओं ने तीन वर्ष बाद उनका नाम मामले में जोड़ा है। अधिवक्ता ने अदालत में तर्क दिया कि यदि किसी व्यक्ति को गिरफ्तारी की आशंका होती है तो उसे अग्रिम जमानत के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि यदि सुमित रॉय वास्तव में इतने प्रभावशाली होते, तो कथित रूप से पैसे लेने के बाद लोगों की नियुक्ति करवा सकते थे जबकि ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया।

वहीं, राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता (एएजी) राजदीप मजूमदार ने अदालत को बताया कि सरकारी जमीन कब्जा से जुड़ा एक अन्य मामला वर्ष 2023 से लंबित है और उसकी केस डायरी भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि यह मामला अलग मौजा (भूमि क्षेत्र) से संबंधित है और इसमें आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है।

राज्य सरकार की ओर से यह भी दलील दी गई कि जांच में बैंक लेनदेन के साक्ष्य सामने आए हैं। अभियोजन के अनुसार, गवाहों के बयान और बैंक रिकॉर्ड से पता चलता है कि कथित तौर पर नौकरी दिलाने के नाम पर वसूली गई रकम का एक हिस्सा विभिन्न आरोपियों के माध्यम से स्थानांतरित किया गया। अभियोजन ने यह भी दावा किया कि अन्य पीड़ितों ने अपने बयानों में कहा है कि उन्होंने सुजय हाजरा और आशिक गाजी को पैसे दिए थे।

राज्य सरकार ने अदालत से कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए हिरासत में पूछताछ आवश्यक है क्योंकि यह दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन से जुड़ा गंभीर मामला है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कलकत्ता हाईकोर्ट ने भर्ती घोटाला मामले में सुमित रॉय को अग्रिम जमानत प्रदान की जबकि सरकारी जमीन कब्जा मामले में उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार नहीं की।

--आईएएनएस

एएमटी/पीएम