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भारतीय तटरक्षक बल की कमांडर्स कांफ्रेंस, समुद्री चुनौतियों पर मंथन

 

नई दिल्ली, 16 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय तटरक्षक बल की कमांडर्स कांफ्रेंस शुरू होने जा रही है। कमांडर्स कांफ्रेंस के दौरान सुरक्षा से जुड़ी समुद्री चुनौतियों पर मंथन किया जाएगा। साथ ही वरिष्ठ कमांडर्स यहां तटरक्षक बल के आधुनिकीकरण व आवश्यकताओं पर फोकस करेंगे।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, तटरक्षक बल की यह 43वीं कमांडर्स कांफ्रेंस है। इसकी शुरुआत 17 सितंबर से नई दिल्ली में होने जा रही। 19 सितंबर तक यह कमांडर्स कांफ्रेंस तक नई दिल्ली स्थित तटरक्षक मुख्यालय में आयोजित की जाएगी। गुरुवार को सम्मेलन के पहले दिन रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ भारतीय तटरक्षक बल के कमांडर्स को संबोधित करेंगे। इस दौरान भारतीय तटरक्षक बल को मजबूत करने और देश के समुद्री हितों तथा राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा में उसकी भूमिका को और प्रभावी बनाने पर चर्चा की जाएगी।

रक्षा मंत्रालय का कहना है कि यह सम्मेलन भारतीय तटरक्षक बल का सर्वोच्च वार्षिक पेशेवर मंच है। इसमें देशभर से तटरक्षक बल के वरिष्ठ कमांडर शामिल होंगे। तीन दिवसीय सम्मेलन में रणनीतिक, ऑपरेशनल व प्रशासनिक प्राथमिकताओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। सम्मेलन के दौरान मौजूदा और उभरती समुद्री सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा होगी। साथ ही ऑपरेशनल तैयारियों और संसाधनों की तैनाती की समीक्षा की जाएगी।

तटरक्षक बल की क्षमताओं को बढ़ाने और बल के आधुनिकीकरण के लिए आगे की कार्ययोजना पर भी मंथन होगा। वरिष्ठ कमांडर संगठन की उन प्राथमिकताओं पर भी चर्चा करेंगे, जो राष्ट्रीय समुद्री रणनीति के अनुरूप हैं। इसका उद्देश्य बदलते समुद्री सुरक्षा वातावरण के बीच भारतीय तटरक्षक बल की तैयारियों और क्षमताओं को और मजबूत करना है।

सम्मेलन में ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम के तहत स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने के लिए चल रही पहलों की भी समीक्षा की जाएगी। यह प्रयास आत्मनिर्भर भारत के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप है। स्वदेशी क्षमताओं को बढ़ावा देकर तटरक्षक बल को आधुनिक और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार बनाने पर जोर रहेगा।

43वां कमांडर्स कांफ्रेंस भारतीय तटरक्षक बल को अधिक मजबूत, आधुनिक और भविष्य के लिए तैयार बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। सम्मेलन में होने वाले विचार-विमर्श से देश के संप्रभु समुद्री हितों की सुरक्षा के लिए तटरक्षक बल की परिचालन क्षमता और तैयारियों को और मजबूत करने की दिशा तय की जाएगी।

--आईएएनएस

जीसीबी/डीकेपी