भारतीय शेयर बाजार सपाट खुले, सेंसेक्स 400 अंक फिसला; निफ्टी 25,200 से नीचे
मुंबई, 29 जनवरी (आईएएनएस)। कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच और आर्थिक सर्वेक्षण से पहले गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी सपाट खुले।
30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स पिछले बंद भाव से 22.53 अंक या 0.03 प्रतिशत बढ़कर 82,367.21 पर खुला। तो वहीं निफ्टी 2.25 अंक या 0.01 प्रतिशत बढ़कर 25,345 पर खुला, हालांकि खुलने के कुछ ही मिनटों बाद बाजार में गिरावट आई और निफ्टी 25,300 से नीचे फिसल गया, जबकि सेंसेक्स करीब 200 अंक गिर गया।
खबर लिखे जाने तक 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 447 अंक या 0.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ 81,897.36 पर कारोबार कर रहा था तो वहीं निफ्टी 124 अंक या 0.49 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,218.35 पर था। इस दौरान निफ्टी के तकरीबन सभी इंडेक्स लाल निशान में ट्रेड करते हुए नजर आए।
एनएसई पर 15 में से नौ सेक्टर लाल निशान में थे। निफ्टी आईटी और निफ्टी ऑटो में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी मेटल में सबसे ज्यादा तेजी आई।
व्यापक बाजार बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जिसमें निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.45 प्रतिशत की तेजी आई, तो वहीं निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.06 प्रतिशत की उछाल दर्ज की गई।
सेक्टरवार देखें तो निफ्टी ऑटो और आईटी इंडेक्स में क्रमशः 0.76 प्रतिशत और 0.77 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, निफ्टी रियल्टी और ऑयल एंड गैस सूचकांकों में 0.4 प्रतिशत की बढ़त देखी गई।
देश में निवेशक आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 का इंतजार कर रहे हैं, जिसे केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में पेश करने वाली हैं।
सेंसेक्स पैक में एलएंडटी, टाटा स्टील, एनटीपीसी, पावर ग्रिड, एसबीआई, इटरनल और एक्सिस बैंक के शेयर सबसे ज्यादा लाभ कमाने वाले शेयरों में शामिल थे। वहीं, मारुति सुजुकी, इंडिगो, बीईएल, एशियन पेंट्स, एचयूएल और टाइटन सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में शामिल रहे।
चॉइस ब्रोकिंग के रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर ने बताया कि फिलहाल बाजार में सतर्कता बनी हुई है, हालांकि घरेलू तकनीकी संकेतक अभी भी कुछ हद तक सपोर्ट दे रहे हैं। आगे की चाल काफी हद तक वैश्विक बाजारों की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतों और संस्थागत निवेशकों की खरीद-बिक्री पर निर्भर करेगी।
पिछले कारोबारी सत्र में निफ्टी50 ने सकारात्मक रुख दिखाया और शुरुआती कारोबार में 25,300 के ऊपर बना रहा। यह तेजी भारत-ईयू ट्रेड बातचीत से जुड़ी उम्मीदों और बेहतर वैश्विक संकेतों के कारण देखने को मिली। 25,200 के ऊपर मजबूत खरीदारी देखने को मिल रही है, जबकि 25,400 से 25,500 का स्तर निफ्टी के लिए बड़ा रेजिस्टेंस बना हुआ है। अगर निफ्टी 25,200 के नीचे फिसलता है, तो फिर से दबाव बढ़ सकता है।
एक्सपर्ट ने आगे बताया कि वैश्विक स्तर पर बनी अनिश्चितताओं को देखते हुए निवेशकों को चुनिंदा और अनुशासित रणनीति अपनाने की सलाह दी जाती है। गिरावट के दौरान मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ध्यान दें। निफ्टी में 25,700 के ऊपर मजबूत और टिकाऊ ब्रेकआउट के बाद ही नई लॉन्ग पोजीशन बनाना बेहतर रहेगा।
--आईएएनएस
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