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भारतीय नौसेना को मिलेगी नई ताकत, पहले नेक्स्ट जेनरेशन मिसाइल वेसल का निर्माण शुरू

 

नई दिल्ली, 19 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय नौसेना के लिए नेक्स्ट जेनरेशन मिसाइल वेसल (एनजीएमवी) परियोजना एक महत्वपूर्ण रक्षा परियोजना है। 18 सितंबर को कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड कोच्चि में इस परियोजना के पहले जहाज का कील लेइंग समारोह आयोजित किया गया।

नेक्स्ट जेनरेशन मिसाइल वेसल का कील-लेइंग समारोह भारतीय नौसेना के लिए अत्याधुनिक और भारी हथियारों से लैस युद्धपोतों के औपचारिक निर्माण की शुरुआत का प्रतीक है। यह समारोह 18 सितंबर को हुआ, जिसमें वाइस एडमिरल संजय साधु, कंट्रोलर ऑफ वॉरशिप प्रोडक्शन एंड एक्विजिशन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर भारतीय नौसेना और कोचीन शिपयार्ड के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

एनजीएमवी के निर्माण के लिए अनुबंध मार्च 2023 में कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के साथ किया गया था। इन जहाजों को अत्याधुनिक हथियारों और सेंसरों से लैस किया जाएगा, जो भारतीय नौसेना की युद्ध क्षमताओं को काफी बढ़ाएगा।

नौसेना का लक्ष्य खुद को 'फ्यूचर रेडी और कॉम्बैट रेडी फोर्स' के रूप में तैयार करना है और ये नए जहाज इसी दिशा में एक अहम कदम हैं। इन जहाजों का निर्माण भारत की एक मजबूत और आधुनिक नौसेना बनाने की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है, जो हिंद महासागर क्षेत्र के जटिल समुद्री वातावरण में काम करने में सक्षम होगी।

इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें इस्तेमाल होने वाले सभी प्रमुख उपकरण पूरी तरह से स्वदेशी रूप से विकसित और निर्मित किए गए हैं। यह देश की ताकत को दर्शाता है और भारत सरकार की 'आत्मनिर्भर भारत', 'मेक इन इंडिया' और 'मेक फॉर द वर्ल्ड' पहल के अनुरूप है।

नेक्स्ट जेनरेशन मिसाइल वेसल भारतीय नौसेना की मारक क्षमता को नई ऊंचाई देंगे। ये जहाज न केवल दुश्मन के खिलाफ त्वरित कार्रवाई में सक्षम होंगे, बल्कि समुद्री सुरक्षा को भी मजबूत करेंगे। कोचीन शिपयार्ड में इनका निर्माण भारत के जहाज निर्माण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का भी प्रतीक है।

--आईएएनएस

वीकेयू/वीसी