भारत और जर्मनी की वायु सेनाओं के बीच पहली एयर स्टाफ वार्ता, रक्षा सहयोग को नई गति
नई दिल्ली, 14 अगस्त (आईएएनएस)। भारत और जर्मनी की वायु सेनाओं के बीच पहली एयर स्टाफ वार्ता नई दिल्ली में आयोजित की गई है। भारतीय वायुसेना ने शुक्रवार को यह जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह वार्ता दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
भारतीय वायुसेना के अनुसार, पहली बार आयोजित इस वार्ता ने दोनों पक्षों को आपसी सैन्य सहयोग को और गहरा करने तथा सहयोग के नए क्षेत्रों की संभावनाएं तलाशने के लिए महत्वपूर्ण मंच उपलब्ध कराया। वार्ता के दौरान सैन्य प्रशिक्षण, ऑपरेशनल स्तर पर आपसी आदान-प्रदान और सैन्य क्षमताओं के विकास से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष फोकस किया गया। दोनों वायु सेनाओं के बीच नियमित संवाद और पेशेवर अनुभवों के आदान-प्रदान से आपसी समझ तथा परिचालन सहयोग को और मजबूत करने की संभावनाएं बनी हैं।
गौरतलब है कि भारत और जर्मनी के बीच वायु क्षेत्र में सैन्य सहयोग पहले भी विभिन्न अभ्यासों और पेशेवर आदान-प्रदान के माध्यम से आगे बढ़ा है। वर्ष 2024 में जर्मन वायुसेना ने भारत में आयोजित तरंग शक्ति बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास में हिस्सा लिया था। इसमें जर्मन वायुसेना के यूरोफाइटर और ए400एम विमान शामिल हुए थे। ऐसे सैन्य अभ्यासों के अलावा एयर स्टाफ वार्ता जैसे संस्थागत संवाद दोनों देशों को अपनी परिचालन जरूरतों, प्रशिक्षण अनुभवों और भविष्य की क्षमताओं पर नियमित रूप से चर्चा करने का अवसर देते हैं।
भारतीय वायुसेना के मुताबिक 11 अगस्त से शुरू हुई यह चार दिवसीय पहली एयर स्टाफ वार्ता भारत-जर्मनी रक्षा संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। आने वाले समय में प्रशिक्षण, परिचालन आदान-प्रदान और क्षमता विकास के क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर तलाशे जाने की उम्मीद है। वहीं भारत-इंडोनेशिया के बीच आर्मी टू-आर्मी स्टाफ वार्ता भी हुई है। भारत व इंडोनेशिया के बीच इस सैन्य वार्ता का उद्देश्य रक्षा सहयोग को और मजबूत करना है। यहां रक्षा सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करने और मौजूदा सहयोग को आगे बढ़ाने पर दोनों देशों ने सहमति दी है। द्विपक्षीय रक्षा सहयोग व संयुक्त प्रशिक्षण का दायरे बढ़ाने पर दोनों पक्ष राजी हुए हैं।
11 से प्रारंभ हुई दोनों देशों की यह सैन्य वार्ता 13 अगस्त तक जारी रही। वार्ता में दोनों देशों की सेनाओं के बीच द्विपक्षीय सैन्य सहयोग को बढ़ाने और आपसी संबंधों को और गहरा करने पर विस्तार से चर्चा हुई।
--आईएएनएस
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