भारत-स्लोवाकिया संबंधों को मिली नई दिशा, पीएम मोदी ने ‘कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप’ को बताया अहम कदम
ब्रातिस्लावा, 15 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्लोवाकिया के पीएम रॉबर्ट फित्सो के साथ हुई बैठक को भारत-स्लोवाकिया संबंधों के लिए एक अहम कदम बताया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने अपने रिश्तों को 'कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप' का दर्जा देकर सहयोग को एक नई दिशा दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, ''स्लोवाकिया के पीएम रॉबर्ट फिको के साथ एक बहुत अच्छी बैठक हुई। यह भारत और स्लोवाकिया की दोस्ती के लिए वाकई एक खास पल है। हमारे संबंधों की मजबूत संभावनाओं को देखते हुए, हमने अपने रिश्तों को 'कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप' यानी व्यापक साझेदारी का दर्जा दिया है। हमारी बातचीत में ऑटोमोबाइल, रेलवे, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई। भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (मुक्त व्यापार समझौता) भी हमारे सहयोग को और गति देगा।''
पीएम मोदी ने कहा कि हम टेक्नोलॉजी को भारत-और स्लोवाकिया साझेदारी का एक बहुत अहम हिस्सा मानते हैं। डिजिटल टेक्नोलॉजी पर हुए एमओयू से सहयोग के कई नए रास्ते खुलेंगे। हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और अंतरिक्ष के क्षेत्र में भी मिलकर काम करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी और उनके स्लोवाकियाई समकक्ष रॉबर्ट फित्सो ने संयुक्त प्रेस वार्ता में दोनों के बीच हुई बैठक के नतीजों पर प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया कि ये कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप आगामी वर्षों में नए अवसरों, साझा समृद्धि और दोनों देशों के लोगों के उज्ज्वल भविष्य का आधार बनेगी।
दौरे के दौरान तीन बड़ी घोषणाएं भी की गईं, जिसमें भारत और स्लोवाकिया के संबंधों को 'कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप' (व्यापक साझेदारी) के स्तर पर उन्नत किया गया और दूसरा, आतंकवाद-रोधी सहयोग के लिए संयुक्त कार्य समूह (ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप) स्थापित करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा कांसुलर संवाद की भी शुरुआत का ऐलान किया गया।
इसके अलावा क्वांटम कम्युनिकेशन और क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोटेक्शन पर भी सहयोग समझौता हुआ। स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ नेचरोपैथी और स्लोवाक हेल्थ स्पा पीएस्टनी के बीच भी साझेदारी बनी।
प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और जन-जन के संबंधों को भी मजबूत आधार बताया। उन्होंने कहा कि भारत के प्राचीन उपनिषदों का स्लोवाक भाषा में अनुवाद दोनों देशों की सांस्कृतिक निकटता का उत्कृष्ट उदाहरण है। साथ ही स्लोवाकिया में रह रहे भारतीय मूल के लोगों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि वे वहां की अर्थव्यवस्था और समाज में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि भारत और स्लोवाकिया के बीच यह नई व्यापक साझेदारी व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा, अंतरिक्ष, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग सहित कई क्षेत्रों में संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
--आईएएनएस
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