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भारत से रिश्ते सुधारना अमेरिका की मजबूरी और जरूरत भी, पूर्व राजदूत जेके त्रिपाठी ने बताई वजह

 

नई द‍िल्‍ली, 27 जून (आईएएनएस)। भारत और अमेरिका संबंधों में बदलते समीकरणों के बीच पूर्व राजदूत जेके त्रिपाठी का मानना है कि एशिया में चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने के लिए अमेरिका के लिए भारत सबसे अहम सहयोगी है, यही वजह है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी अब भारत के साथ रिश्तों को नई दिशा देने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं।

आईएएनएस के साथ बातचीत के दौरान पूर्व राजदूत जेके त्र‍िपाठी ने दोनों देशों के रिश्तों में बढ़ती नजदीक‍ियों के संकेत और अमेर‍िकी के राष्‍ट्रपत‍ि डोनाल्‍ड ट्रंप के अगले वर्ष 2027 में भारत आने की संभावनाओं पर खुलकर अपनी बात रखी।

पूर्व राजदूत जेके त्र‍िपाठी कहा क‍ि दोनों देशों के रिश्तों में उतार-चढ़ाव के बावजूद रणनीतिक साझेदारी दोनों के हित में है।

उन्‍होंने कहा क‍ि यह बात तो सही है क‍ि 2007 के बाद से भारत और अमेर‍िका के बीच नजदीक‍ियां बढ़ने लगी हैं। इस मामले में ओबामा प्रशासन ने काफी ज्‍यादा काम क‍िया और दोनों देशों के र‍िश्‍तों को काफी अच्‍छा क‍िया। इस के बाद ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान संबंध खराब हुए, लेक‍िन बाइडेन के काल में संबंधों में फ‍िर से मधुरता देखी गई।

पूर्व राजदूत ने कहा क‍ि मौजूदा हालात की बात करें तो डोनाल्‍ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में एक बार फ‍िर से संबंध में म‍िठास नहीं द‍िख रही है। इसमें अच्‍छी बात यह है क‍ि अमेरिका भारत के साथ संबंध अच्‍छे बनाए रखना चाहता है, क्‍योंक‍ि वो यह भी जानता है क‍ि यह उसके ह‍ित में है। मतलब साफ है एश‍िया में चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने के ल‍िए अमेर‍िका को भारत बड़ा कोई भी सहयोगी नहीं म‍िलेगा।

उन्‍होंने कहा क‍ि सबसे बड़ी बात यह है क‍ि अमेर‍िकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप इस समय चारों से ओर से घ‍िरे हुए हैं। चाहे वो ईरान के साथ युद्ध का मसला हो या फ‍िर अब तक अटकी समझौता बातचीत का मुद्दा, ज‍िसको लेकर उनके ऊपर आक्षेप लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा रूस के साथ यूक्रेन का युद्ध अभी तक खत्‍म नहीं हुआ है। ऐसे में ट्रंप के सहयोग‍ियों ने शायद उनको सलाह दी होगी क‍ि आप लौटकर भारत की तरफ रुख कीज‍िए और उनको मनाने की कोश‍िश कीज‍िए। यही वजह है क‍ि ट्रंप के स्‍वर भारत के ल‍िए बदले हुए हैं।

जेके त्र‍िपाठी ने कहा क‍ि वजह चाहे जो भी हो, लेक‍िन यह बात स्‍वागत योग्‍य है क‍ि अमेर‍िका फ‍िर से भारत के साथ अपने र‍िश्‍ते सुधारना चाहता है।

--आईएएनएस

एवाई/डीकेपी