भारत-रूस संबंधों पर एस. जयशंकर की अहम बैठक, यूक्रेन संकट के कूटनीतिक समाधान पर जोर
नई दिल्ली, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को नई दिल्ली में भारत-रूस संबंधों पर सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग पर कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। साथ ही यूक्रेन संघर्ष को खत्म करने के कूटनीतिक प्रयासों पर वार्ता हुई।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर सलाहकार समिति की बैठक की जानकारी शेयर की।
उन्होंने पोस्ट किया, ''भारत-रूस संबंधों पर सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में भारत और रूस के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा, कनेक्टिविटी, संस्कृति और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों समेत कई क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग के अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा की। इसके साथ ही यूक्रेन संघर्ष को खत्म करने के लिए बातचीत और कूटनीति के रास्ते को भारत के लगातार समर्थन पर भी जोर दिया।''
एक दिन पहले ही शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मॉस्को में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यूक्रेन युद्ध को लेकर भारत के प्रयासों की सराहना की थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर मुलाकात में यूक्रेन संघर्ष को सुलझाने का मुद्दा उठाते हैं। वे ऐसे सुझाव लेकर आते हैं, जो दोनों पक्षों के लिए स्वीकार्य हैं। वे इस झगड़े को शांति से और जल्द सुलझाना चाहते हैं।
रूसी समाचार एजेंसी तास की रिपोर्ट के अनुसार, वल्दाई इंटरनेशनल डिस्कशन क्लब के 23वें सत्र में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर मुलाकात में यूक्रेन संघर्ष को सुलझाने का मुद्दा उठाते हैं। वह बहुत अच्छे सुझाव देते हैं, जिनका मकसद ऐसे समाधान तलाशना होता है जो दोनों पक्षों को स्वीकार हों, खास तौर पर ऐसे समाधान जिन पर दोनों पक्ष सहमत हो सकें।”
न्यूज एजेंसी तास के अनुसार पुतिन ने कहा कि भारत सरकार का रुख निष्पक्ष है, लेकिन उनकी कोशिश इस संघर्ष को खत्म कराने की दिशा में है। उन्होंने कहा, “हम प्रधानमंत्री के आभारी हैं कि वह इस संघर्ष को शांतिपूर्ण तरीके से और जितनी जल्दी हो सके, सुलझाना चाहते हैं।”
--आईएएनएस
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