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भारत में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को यहां की संस्कृति और परंपरा का सम्मान करना होगा: सीएम योगी

 

लखनऊ, 18 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को संभल में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि भारत में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को यहां की संस्कृति और परंपरा का सम्मान करना होगा। उन्होंने कहा कि जो लोग आज भी अपने आपको बाबर की संतान समझते हैं, उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि नया भारत न तो गुलामी की मानसिकता में जीने वाला है और न ही उसे स्वीकार करने वाला है।

उन्होंने कहा कि बहन-बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को डबल इंजन की सरकार किसी भी कीमत पर बख्शने वाली नहीं है। अब तुर्क की तुर्कई नहीं चलेगी, संभल में वही होगा, जो हरिहर मंदिर का आदेश होगा।

मुख्यमंत्री ने संभल और चंदौसी विधानसभा क्षेत्रों के लिए 569 करोड़ रुपये की 66 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के दौरान ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि यहां 10 हजार एकड़ जमीन पर माफिया ने कब्जा कर रखा था। जिन हिंदुओं की हत्या की गई थी, वह कभी कांग्रेस की सरकार और समाजवादी पार्टी के पापियों द्वारा किए गए अत्याचारों का परिणाम था। इसका दुष्परिणाम यहां के गरीब लोग भुगत रहे थे। अब 10 हजार एकड़ जमीन खाली हुई है। सीएम ने कहा कि उसे गरीबों, दलितों, वंचितों और पिछड़े वर्ग के लोगों में बांटी जाएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिन्होंने अवैध कब्जे किए हैं, उन्हें माफिया घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की सरकारों के दौरान इस तरह की साजिश की गई कि जमीन के रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य ही न बचें। उन्होंने कहा कि इन सरकारों ने लैंड रिकॉर्ड नष्ट कर दिए, लेकिन वे रिकॉर्ड नष्ट कर सकते हैं, सत्य को नहीं। सत्य अंततः अपना स्वरूप दिखाता ही है।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार आज प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बनकर खड़ा हो गया है, उसी प्रकार सत्य भी सामने आकर रहता है। अब 68 तीर्थों पर कोई कब्जा नहीं कर पाएगा। भारत में रहना है तो भारत की संस्कृति और परंपरा का सम्मान करना होगा। जो अपने को बाबर की संतान समझते हैं, वे जान लें कि नया भारत गुलामी की मानसिकता में जीने वाला नहीं।

सीएम ने कहा कि आज सभी को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है, जबकि पहले केवल सैफई सिंडिकेट का कब्जा था। भगवान कल्कि की इस पावन भूमि पर संभल और चंदौसी की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में आने का मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ। चंदौसी, जिसे क्षेत्र का वृंदावन भी कहा जाता है, यहां 145 फुट ऊंची भगवान गणपति की प्रतिमा तथा मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की 51 फुट ऊंची प्रतिमा के अनावरण का भी मुझे मौका मिला ये बड़े भाग्य की बात है।

उन्होंने कहा कि यह श्रीहरि विष्णु की पावन धरा है। ठीक 500 वर्ष पहले, वर्ष 1526 में विदेशी आक्रांताओं ने इसे अपवित्र किया था। आक्रांता जब आते हैं तो वे केवल खजाना ही नहीं लूटते, बल्कि धर्म और संस्कृति को भी रौंदते हैं। यही पाप यहां भी किया गया था। श्रीहरि विष्णु के पवित्र हरिहर मंदिर को तोड़ दिया गया था। यहां के 68 तीर्थों को भी अपवित्र किया गया था और 19 कूपों पर भी कब्जा कर लिया गया था। संभल के अस्तित्व के साथ खिलवाड़ करके 1976 और 1978 में यहां दंगे कराए गए। सैकड़ों निर्दोष लोगों को मार दिया गया, लेकिन किसी को सजा नहीं हो पाई। 500 वर्ष पहले जो पाप हुआ था, उसमें कुछ लोगों का जबरन धर्मांतरण कर दिया गया था। लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार है। अब संभल में 68 तीर्थों के पुनरुद्धार और 19 कूपों को पुनर्जीवित करने का कार्य भी प्रारंभ हो गया है। 24 कोसी परिक्रमा मार्ग के कार्य के लिए भी धनराशि स्वीकृत कर काम आगे बढ़ाया गया है।

सीएम योगी ने कहा कि संभल में पुलिस लाइन का निर्माण कराया जा रहा है। यहां पीएसी की एक बटालियन का गठन किया जा रहा है और इंटीग्रेटेड डिस्ट्रिक्ट हेडक्वार्टर भी बनाया जा रहा है। संभल के विकास को ध्यान में रखते हुए विभिन्न मार्गों को फोरलेन सड़कों से जोड़ा जा रहा है। साथ ही गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ, हरिद्वार और प्रयागराज से जोड़ने का कार्य भी आगे बढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जब भगवान कल्कि का अवतार होगा, तब देश और दुनिया के लोग यहां एक प्रमुख तीर्थ के रूप में हरिहर मंदिर के दर्शन कर सकेंगे और भगवान कल्कि के दर्शन का भी सौभाग्य प्राप्त करेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अपनी विरासत का संरक्षण करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। जिन लोगों ने इस विरासत का अपमान किया, वही लोग कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और रामनवमी की शोभायात्राओं को रोका जाता था तथा दुर्गा पूजा के पंडाल तक नहीं लगने दिए जाते थे। ऐसे लोग गुलामी की मानसिकता में जीने वाले हैं और उनका विरासत से कोई लेना-देना नहीं है। उन्हें हर कीमत पर सत्ता चाहिए, चाहे उसकी कीमत देश, गरीब, दलित या वंचित समाज को ही क्यों न चुकानी पड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संभल एक बार फिर अपने गौरव के साथ खड़ा हुआ है और अपने ऐतिहासिक स्वरूप को जोड़ते हुए अब विकास की नई यात्रा पर आगे बढ़ रहा है। संभल अब रुकने वाला नहीं है, बल्कि विकास की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने जा रहा है। इसी क्रम में उन्हें विकास परियोजनाओं की सौगात देने का अवसर मिला है।

उन्होंने कहा कि आज डबल इंजन की सरकार होने के कारण यह कार्य संभव हो पा रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या वर्ष 2017 से पहले यह सब संभव था? क्या उस समय कोई संभल का नाम लेने की भी हिम्मत करता था? उन्होंने कहा कि उस दौर में एक तुर्क आकर यहां लोगों का अपमान करता था। वह यहां के देसी मुसलमानों का भी अपमान करता था और अपनी टोपी को अपनी आंख में लगा करके उनको चिढ़ाने का काम करता था।

उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार में देखिए, यहां कितने बड़े-बड़े भवन बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक ही छत के नीचे ऐसी व्यवस्था विकसित की जा रही है, जहां लोगों की सभी समस्याओं का समाधान होगा। साथ ही लैंड रिकॉर्ड को इस तरह सुरक्षित किया जा रहा है कि यदि कोई व्यक्ति आज किसी की जमीन पर कब्जा करने का दुस्साहस करता है, तो उसके जिन को 100 साल बाद भी उसकी कब्र से निकालकर वापस करवाने की क्षमता सरकार के पास होगी।

सीएम ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी ने दोबारा ऐसा दुस्साहस किया तो उसका काम कुछ ही मिनटों में तमाम कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्या किसी ने कभी सोचा था कि गंगा एक्सप्रेसवे यहां से होकर जाएगा। अब यहां से प्रयागराज और दिल्ली की दूरी काफी आसान हो गई है। यदि कोई हरिद्वार जाना चाहे तो गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार से भी जोड़ा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जब सड़क, रेलवे और एयर कनेक्टिविटी बेहतर होती है, तभी प्रगति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। संभल के उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल रही है। मेंथा उत्पादक किसानों के हित में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के उत्पादित मेंथा पर टैक्स की दर कम की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्री गुलाब देवी को बता दिया है कि फ्लाई ओवर की मांग स्वीकृत की जाएगी। बस प्रस्ताव भेज दीजिए। गुलाब देवी स्वयं माध्यमिक शिक्षा मंत्री हैं, मैं उनसे कहता हूं कि वे यहां के लिए भी एक विद्यालय स्वीकृत कर दें। उन्होंने कहा कि चंदौसी में इंटर कॉलेज अवश्य बनना चाहिए, जिसे वे स्वयं बनवाएंगी।

--आईएएनएस

विकेटी/एएसएच