भारत में हिन्दू-मुसलमान सुरक्षित हैं: एसटी हसन
लखनऊ, 7 मार्च (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के नेता एसटी हसन ने ईरान-अमेरिका और इजरायल के बीच जारी जंग के दौरान मुस्लिम देशों पर हुए मिसाइल अटैक पर कहा कि भारत में मुसलमान और हिन्दू सुरक्षित हैं। 5 प्रतिशत लोगों से बस खतरा है।
सपा नेता ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि मुस्लिम देशों में आज मिसाइल गिर रही हैं, यह कोई पैमाना नहीं है कि मुसलमान भारत में सुरक्षित हैं। अरब देशों में कभी भी मस्जिदों पर बुलडोजर नहीं चलते हैं, धार्मिक आजादी है वहां पर, और अच्छे-अच्छे मंदिर भी बनाए हैं। भारत में 5 प्रतिशत लोगों से खतरा है, बाकी हिन्दू और मुसलमान प्यार से रहते हैं, और दोनों समुदाय यहां पर सुरक्षित हैं।
उन्होंने भारत में मुसलमानों की सुरक्षा पर कहा कि अब से 14 साल पहले तो बहुत सेफ थे। कोई परेशानी नहीं थी, सब प्यार-मोहब्बत से रहते थे। लेकिन अब जब से ये राज आया है, जिसमें मुसलमानों के साथ डिस्क्रिमिनेशन हो रहा है और धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंचाई जा रही है, तो ऐसा तो किसी इस्लामिक मुल्क में भी नहीं हो रहा।
दुबई-कतर जैसे देशों में गिर रही मिसाइलों पर कहा कि मिसाइलें अमेरिकी ठिकानों पर गिर रही हैं और रिफाइनरीज़ पर, क्योंकि रिफाइनरीज़ में भी आधे से अधिक हिस्सा अमेरिका का है। आम जनता पर तो नहीं गिर रही हैं। उनके बाजारों में आज भी वैसी ही रौनक है। सभी काम-काज पहले की तरह हो रहे हैं।
भाजपा नेता संगीत सोम के बयान 'मुगल शासन के आखिरी शासक थे अखिलेश यादव' पर सपा नेता ने कहा कि वो अपनी हैसियत देखें कि पार्टी में उनका कद कहां रहा है। वह किस जगह पर खड़े हैं। पार्टी ने तो उनको खुद नकार दिया। अखिलेश यादव के लिए इस तरह की बात करना सही नहीं। अखिलेश यादव बहुत अच्छे हिंदू भी हैं और सबको साथ लेकर चलने वाले इंसान हैं। उन्होंने कहा कि हर मुगल आक्रांता नहीं रहा है, मुगलों ने यहां पर काम भी किया है। उनकी पार्टी धर्म के आधार पर लोगों को क्यों बांटना चाहती है?
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के बंगाल को लेकर दिए बयान पर सपा नेता ने कहा कि गिरिराज सिंह वरिष्ठ नेता हैं, उनका एजेंडा हिन्दुू-मुसलमान करने का है। उन्हें मालूम नहीं है कि नागरिकता देने का काम भारत सरकार करती है न कि प्रदेश की सरकार। वे बस भ्रम फैलाते हैं।
कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन पर सपा नेता ने कहा कि यह बहुत ही स्वागत योग्य कदम है। मैंने पहले भी कहा था कि इंटरनेट पर अश्लीलता फैलाई जाती है, बच्चे देखते हैं तो मन में तरह-तरह के ख्याल आते हैं और रेप की घटनाएं होती हैं। हालांकि, सरकार ने फैसला लिया है, तो सवाल यह उठता है कि इसे धरातल पर कैसे उतारेंगे।
--आईएएनएस
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