'भारत की मेजबानी में सभी प्रमुख खेल होंगे और हम सर्वाधिक मेडल जीतेंगे', केजरीवाल को मनसुख मांडविया ने दिया करारा जवाब
नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा। देश की झोली में कुल 39 मेडल आए। हालांकि, इस बार के कॉमनवेल्थ गेम्स में रेसलिंग और शूटिंग को शामिल नहीं किया गया, जिसमें आमतौर पर भारत के सबसे ज्यादा मेडल आते हैं। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इन खेलों के ना होने को लेकर नाराजगी जाहिर की थी और इसका पुरजोर विरोध करने की सलाह दी थी।
हालांकि, केजरीवाल की इस बात का करारा जवाब केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने दिया है। खेल मंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स पर लिखा, "केजरीवाल जी, आप एकदम निश्चिंत रहिए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जब भारत 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन करेगा, तो वह सबसे भव्य और ऐतिहासिक होगा। उस दौरान हमारे सभी प्रमुख स्पोर्ट्स भी इसमें शामिल होंगे और हम अपने सर्वाधिक मेडल्स भी जीतेंगे। ये नए भारत की गारंटी है।"
इससे पहले, केजरीवाल ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर भारतीय खिलाड़ियों को बधाई देने के साथ-साथ कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में रेसलिंग और शूटिंग के न होने को लेकर दुख जताया था। उन्होंने लिखा, "कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के समापन पर, मैं उन सभी खिलाड़ियों को बधाई देना चाहता हूं जिन्होंने इसमें हिस्सा लिया और देश के लिए मेडल जीते। हमें आप पर बहुत गर्व है। हमारी अपार क्षमता को देखते हुए, ऐसा कोई कारण नहीं है कि भविष्य में भारत मेडल तालिका में सबसे ऊपर न हो। जमीनी स्तर पर सोच-समझकर किए गए निवेश और खिलाड़ियों को सही ढांचागत सहयोग अद्भुत परिणाम दे सकते हैं। हालांकि, यह देखना बहुत निराशाजनक है कि कुश्ती और शूटिंग जैसे खेल, जिनमें हम पारंपरिक रूप से उत्कृष्ट रहे हैं, उन्हें कॉमनवेल्थ की सूची से हटा दिया गया है। भारत को इन अनुचित निष्कासनों का पुरजोर विरोध करना चाहिए।"
दरअसल, कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की मेजबानी पहले ऑस्ट्रेलिया के शहर विक्टोरिया को करनी थी। हालांकि, बढ़ते खर्चों के कारण विक्टोरिया ने साल 2023 में गेम्स की मेजबानी से अपने कदम पीछे खींच लिए थे, जिसके बाद सितंबर 2024 में कॉमनवेल्थ गेम्स के इस संस्करण की मेजबानी की जिम्मेदारी स्कॉटलैंड के ग्लासगो को दे दी गई थी। तैयारी के लिए कम समय होने के कारण कुल 9 खेलों को इस संस्करण से हटाने का फैसला लिया गया था।
--आईएएनएस
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