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भारत की छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नंबर वन : शाइना एनसी

 

मुंबई, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच कथित वित्तीय लेन-देन और साजिश को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद पर शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने बयान दिया है।

शाइना एनसी ने आईएएनएस से कहा, "हमारे नेता एकनाथ शिंदे की लोकप्रियता दिन-ब-दिन बढ़ रही है और कई लोग इससे नाखुश हैं। सच यह है कि जब भी कोई क्लिप चलाई जाती है तो सच सामने लाने के लिए फॉरेंसिक एनालिसिस, वॉयस सैंपल और साइबर सेल से जांच होनी चाहिए। सच्चाई सामने आनी चाहिए। आज वो 500 करोड़ रुपए के आरोप लगा रहे हैं, कल हम 1,000 करोड़ के आरोप लगा सकते हैं। क्या इससे वो आरोप सच हो जाते हैं? शिवसेना को पूरा भरोसा है कि सच्चाई सबके सामने आएगी।"

एक अन्य मुद्दे पर शाइना एनसी ने फॉक्स न्यूज के आरोपों को भी बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि फॉक्स न्यूज का यह आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है। किसी भी अंतरराष्ट्रीय विरोध प्रदर्शन में भारत की कोई भूमिका नहीं है। हम राष्ट्रवाद और वैश्विक शांति में विश्वास रखते हैं। अगर शांति आंदोलन की बात करें तो भारत ने पूरी दुनिया में इसका नेतृत्व किया है तो भारत किसी अंतरराष्ट्रीय विरोध प्रदर्शन में कैसे शामिल हो सकता है?"

उन्होंने कहा कि भारत की छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नंबर वन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस अंदाज में दूसरे देशों के साथ रिश्ते बनाए रखे हैं, उससे एक बात साफ है कि हमारी अर्थव्यवस्था तेजी से चल रही है और भारत में विदेशी निवेश आ रहा है। इससे कुछ लोगों को आपत्ति होती है।

शाइना ने एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, "कुछ नेता विदेश जाते हैं और देश को अपमानित करते हैं। देश के संविधान को, देश के प्रधानमंत्री को और देश के इलेक्टोरल सिस्टम को बदनाम करते हैं। शायद उनको संस्थाओं पर विश्वास नहीं है, हमें पूरा विश्वास है कि भारत सही रास्ते पर है और हम सत्यमेव जयते के रास्ते पर ही चलेंगे।"

चुनाव आयोग के खिलाफ महाभियोग की मांग पर उन्होंने कहा, "विपक्षी दल इंपीचमेंट किस वजह से मांग रहे हैं? क्योंकि एसआईआर अपना काम कर रहा है। घुसपैठियों को निकाला जा रहा है, जिनका देहांत हो गया है, उनको वोटर लिस्ट में नहीं रखा जा रहा है। बेबुनियाद आरोप लगाना विपक्ष का काम है। इस पर सदन के अंदर बात कीजिए, नहीं तो बाहर रहकर नारेबाजी ही करते रहिए।"

--आईएएनएस

वीकेयू/एबीएम