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तस्लीमा नसरीन के बयान पर दिलीप घोष बोले, 'भारत का बंटवारा नहीं होना चाहिए था'

 

कोलकाता, 3 अगस्त (आईएएनएस)। दो दशक बाद पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में वापस लौटी बांग्लादेशी लेखिका और एक्टिविस्ट तस्लीमा नसरीन द्वारा भारत-बांग्लादेश संबंधों को लेकर दिए बयान पर प्रदेश की वर्तमान भाजपा सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भारत का बंटवारा नहीं होना चाहिए था। उस समय की सरकार ने अपने फायदे के लिए जो फैसले लिए उसका नतीजा आज लोगों को भुगतना पड़ा रहा है।

दरअसल, तस्लीमा नसरीन ने रविवार को भारत-बांग्लादेश के रिश्तों पर बात करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है दोनों मुल्कों के बीच रिश्ते आगे भी अच्छे ही रहेंगे। उन्होंने 1971 का जिक्र करते हुए कहा कि बांग्लादेश की आजादी की लड़ाई में भारत ने कितना बड़ा रोल निभाया था। उस वक्त भारत ने शरणार्थियों की मदद की, हथियार दिए और आखिर में सीधे लड़ाई में उतरकर बांग्लादेश को आजाद कराने में मदद की। इसीलिए बांग्लादेश के लोग आज भी उस मदद को भूलते नहीं हैं। लेकिन कुछ पाकिस्तानी जिहादी हैं जो भारत के खिलाफ जहर उगलते रहते हैं।

नसरीन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप घोष ने कहा, "हम भी यही चाहते हैं कि भारत का बंटवारा कभी न हुआ होता, क्योंकि इससे किसी को कोई फायदा नहीं हुआ। आज, तीनों देशों की हजारों किलोमीटर लंबी सीमाओं की सुरक्षा पर हजारों करोड़ रुपये खर्च करने पड़ते हैं। क्यों? क्योंकि बार-बार झगड़े होते रहते हैं। इन देशों के आपस में लड़ने से जो नुकसान हुआ है, वैसा दुनिया में कहीं और नहीं देखा गया। इसलिए, हम आज भी उन फैसलों का नतीजा भुगत रहे हैं जो उस समय लोगों ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए थे।"

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन के दौरान पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव के भगवा कपड़े पहनने पर मंत्री दिलीप घोष ने कहा, " उन्होंने रामायण और भगवान राम का अपमान किया है। समाज ऐसे कामों को स्वीकार या मंज़ूर नहीं करेगा। दूसरी बात, जहां तक कानून की बात है, तो कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है।"

पूर्व सीएम ममता बनर्जी के प्लान बी वाले बयान पर मंत्री दिलीप घोष ने तंज कसते हुए कहा, "कौन सा प्लान ए, कौन सा प्लान बी, कौन सा प्लान सी... बस इंतजार कीजिए और देखिए कि प्लान क्या है। अगर पार्टी ही नहीं रहेगी, तो किसी प्लान का क्या फायदा?"

--आईएएनएस

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