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भारत और सिंगापुर के बीच डिफेंस पॉलिसी डायलॉग

 

नई दिल्ली, 28 मई (आईएएनएस)। भारत और सिंगापुर के बीच रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने के लिए 16वीं डिफेंस पॉलिसी डायलॉग आयोजित किया गया। वार्ता के दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की प्रगति की समीक्षा की। भारत व सिंगापुर सैन्य साझेदारी को और प्रभावी बनाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया।

इस महत्वपूर्ण वार्ता की सह-अध्यक्षता भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और सिंगापुर के स्थायी सचिव (रक्षा) जोसेफ लियोंग ने की। बैठक में दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत रक्षा संबंधों की पुनर्पुष्टि की गई तथा भविष्य में सहयोग के नए आयाम विकसित करने पर व्यापक चर्चा हुई। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की है कि नियमित संवाद महत्वपूर्ण हैं। साथ ही सहयोगी गतिविधियां क्षेत्रीय स्थिरता व पारस्परिक विश्वास को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रही हैं।

भारत और सिंगापुर ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र की वर्तमान सुरक्षा चुनौतियों पर भी चर्चा की है। दोनों पक्ष मुक्त, समावेशी और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के पक्षधर हैं। इसके लिए दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा को अत्यंत महत्वपूर्ण माना है। बैठक में इस बात पर बल दिया गया कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए आपसी सहयोग और समन्वय को लगातार बढ़ाना आवश्यक है। वार्ता में रक्षा प्रौद्योगिकी और आधुनिक सैन्य क्षमताओं के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

दोनों देशों ने उभरती तकनीकों, एआई-आधारित सैन्य प्रणालियों, साइबर सुरक्षा और डिजिटल युद्ध क्षमता जैसे क्षेत्रों में संयुक्त सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। इसके साथ ही, रक्षा उद्योगों के बीच साझेदारी और अनुसंधान सहयोग को बढ़ावा देने के विकल्पों पर भी विचार किया गया।

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने सिंगापुर सशस्त्र बलों की डिजिटल एवं इंटेलिजेंस सेवा के अंतर्गत स्थापित डिजिटल ऑपरेशंस टेक्नोलॉजी सेंटर (डीओटीसी) का दौरा भी किया। इस दौरे में उन्हें सिंगापुर की अत्याधुनिक डिजिटल सैन्य प्रणालियों, डेटा आधारित संचालन तंत्र और तकनीकी क्षमताओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

डीओटीसी में रक्षा सचिव ने डिजिटल युद्ध संचालन, नेटवर्क आधारित सैन्य संरचना, इंटेलिजेंस एकीकरण, साइबर सुरक्षा तंत्र और आधुनिक कमांड एवं कंट्रोल सिस्टम से संबंधित उन्नत तकनीकों का अवलोकन किया। यह दौरा भारतीय सशस्त्र बलों और सिंगापुर सशस्त्र बलों के बीच उभरते युद्धक्षेत्रों और नई सैन्य तकनीकों में सहयोग की संभावनाओं को समझने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दोनों पक्षों का मानना है कि भविष्य के युद्ध परिदृश्य में डिजिटल क्षमता, एआई, साइबर डिफेंस और डेटा विश्लेषण आधारित सैन्य निर्णय प्रणाली की भूमिका तेजी से बढ़ रही है।

बता दें कि भारत और सिंगापुर के बीच रक्षा संबंध पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं। दोनों देश नियमित रूप से संयुक्त सैन्य अभ्यास, नौसैनिक सहयोग, वायुसेना प्रशिक्षण और उच्चस्तरीय रक्षा संवाद आयोजित करते रहे हैं। यह रक्षा नीति वार्ता भी दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और व्यापक तथा आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

--आईएएनएस

जीसीबी/डीकेपी