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भारत-अमेरिका की संयुक्त फायरिंग, महाजन रेंज में गूंजी तोपों की गर्जना

 

नई दिल्ली, 22 सितंबर (आईएएनएस)। भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच चल रहे ‘युद्ध अभ्यास 2026’ में मंगलवार का दिन बेहद अहम रहा। महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में हॉवित्जर व धनुष से फायरिंग की गई। वहीं और पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर का भी इस्तेमाल हुआ। दोनों देशों के जवानों ने यहां संयुक्त फायरिंग अभ्यास किया गया। इस दौरान भारतीय और अमेरिकी सैनिकों ने अलग-अलग हथियार प्रणालियों के साथ प्रशिक्षण लिया। फायरिंग रेंज पर तोपों की गूंज के बीच दोनों सेनाओं ने एक-दूसरे की फायरिंग तकनीक और प्रक्रियाओं को करीब से समझा।

सेना के मुताबिक, अभ्यास में एम777 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर, धनुष तोप और पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर से फायरिंग की गई। इसके साथ ही एल70 एयर डिफेंस तोपों और एम-लिड्स प्रणालियों को भी अभ्यास के दौरान कार्रवाई में देखा गया। इस संयुक्त प्रशिक्षण का एक प्रमुख उद्देश्य फायरिंग की योजना बनाना, समन्वय और कार्रवाई में बेहतर तालमेल विकसित करना था।

इसके लिए दोनों सेनाओं की ऑब्जर्वेशन पोस्ट टुकड़ियों ने भी साथ मिलकर प्रशिक्षण लिया। सैनिकों ने लक्ष्य की पहचान की। लक्ष्य की स्थिति बताने, उस पर कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाने और फायर आदेश भेजने का अभ्यास किया गया। प्रशिक्षण के दौरान फायरिंग के बाद आवश्यक सुधार करने की प्रक्रिया भी दोहराई गई। इससे दोनों सेनाओं के सैनिकों को एक-दूसरे की तोपखाना तकनीक, संचार प्रक्रिया और फायर नियंत्रण प्रणाली को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर मिला।

अभ्यास में लक्ष्य की पहचान से लेकर अलग-अलग हथियार प्रणालियों के जरिए उस पर फायर करने तक की पूरी प्रक्रिया को एक साथ क्रम में जोड़ा गया। इससे दोनों देशों के सैनिकों ने युद्धक्षेत्र में फायर सपोर्ट की पूरी श्रृंखला का अभ्यास किया। इस संयुक्त प्रशिक्षण ने सटीकता, त्वरित प्रतिक्रिया और आपसी समन्वय को मजबूत करने पर जोर दिया। साथ ही, दोनों सेनाओं के बीच साझा प्रक्रियाओं और संचालन संबंधी समझ को बेहतर बनाने का अवसर मिला।

महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में यह अभ्यास हुआ। युद्ध अभ्यास 2026 के व्यावहारिक प्रशिक्षण पर केंद्रित स्वरूप को दर्शाता है। इसमें भारतीय और अमेरिकी सैनिकों ने अपने परिचालन अनुभव साझा किए और जटिल युद्ध परिस्थितियों में मिलकर कार्रवाई करने की क्षमता को और मजबूत किया। इससे पहले भारतीय सेना के प्रशिक्षित सैन्य कुत्ते भी भारत और अमेरिका के बीच चल रहे संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास 2026’ का हिस्सा बने थे। राइस, विक्टर, जैक और राउडी नाम के चार सैन्य कुत्तों ने विशेष अभियानों में सैनिकों की मदद करने की क्षमता का प्रदर्शन किया।

अभ्यास के दौरान इन कुत्तों ने एक संदिग्ध ठिकाने में प्रवेश की कार्रवाई और रस्सी के सहारे नीचे उतरने जैसे अभ्यासों में हिस्सा लिया। यहां अमेरिकी सैनिकों को भारतीय सेना के सैन्य कुत्तों की ट्रेनिंग, फुर्ती और कठिन सामरिक परिस्थितियों में सैनिकों के साथ काम करने की क्षमता को करीब से देखने का अवसर मिला। दो दिन पहले भी भारत और अमेरिका की सेनाओं अपनी तोपखाना क्षमता का जोरदार प्रदर्शन कर दिया था। भारत में जारी युद्धाभ्यास में तब केवल एम777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर से फायरिंग की गई थी।

--आईएएनएस

जीसीबी/डीकेपी