×

भारत-अफ्रीका लिंकेज सम्मेलन में जिम्बाब्वे की राजदूत बोलीं- द्विपक्षीय संबंधों को आर्थिक लाभ में बदलना लक्ष्य

 

कोलकाता, 15 सितंबर (आईएएनएस)। भारत-अफ्रीका बिजनेस लिंकेज पर आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में दोनों महाद्वीपों के बीच व्यापारिक संबंधों को नई गति देने पर जोर दिया गया। विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव ए. अजय कुमार ने कहा कि अफ्रीका के साथ भारत का व्यापार पहले से मजबूत है, लेकिन इसमें अपार संभावनाएं हैं, जिसे और आगे ले जाने की जरूरत है।

वहीं, भारत में जिम्बाब्वे की राजदूत स्टेला नकोमो ने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य भारत के साथ मौजूद उत्कृष्ट द्विपक्षीय संबंधों को ठोस आर्थिक लाभ में बदलना है और जिम्बाब्वे खनन, विनिर्माण और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भारतीय निवेश के लिए पूरी तरह खुला है।

भारत-अफ्रीका बिजनेस लिंकेज पर आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस से इतर राजदूत स्टेला नकोमो ने आईएएनएस के साथ बातचीत में कहा, "हमने अभी-अभी एक उत्कृष्ट सम्मेलन, भारत-अफ्रीका लिंकेज का आयोजन किया है। यह सम्मेलन सही समय पर हुआ क्योंकि यहां मेरे कर्तव्यों में से एक यह सुनिश्चित करना है कि जो उत्कृष्ट द्विपक्षीय संबंध मौजूद हैं, मेरे देश, जिम्बाब्वे और भारत के बीच, ठोस आर्थिक लाभ में तब्दील हों। जो एक चीज हम दूतावास के तौर पर कर रहे हैं, वह है निवेश के अवसरों की तलाश करना और भारतीय व्यवसायी वर्ग को आश्वस्त करना कि जिम्बाब्वे व्यवसाय के लिए खुला है।"

उन्होंने कहा कि मैंने हमारे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मौजूद निवेश के अवसरों को प्रस्तुत किया, जिनमें खनन, विनिर्माण, ऊर्जा और अन्य क्षेत्र शामिल हैं। हमारे पास विशाल अवसर हैं, जिनका मुझे विश्वास है कि विशेष रूप से समान संस्कृति वाले व्यवसायी लाभ उठा सकते हैं। अफ्रीका से आते हुए, मुझे लगता है कि यह देखना भी बहुत महत्वपूर्ण था कि हमारे कुछ देशों का अच्छी तरह से प्रतिनिधित्व किया गया, जिसका मतलब था कि उन्होंने अफ्रीका, अफ्रीकी क्षेत्र से आने वाले हमारे मुद्दों का प्रतिनिधित्व किया। हमारे पड़ोसी, दक्षिण अफ्रीका, ब्रिक्स का हिस्सा है। मुझे विश्वास है कि शिखर सम्मेलन सही समय पर हुआ क्योंकि भारत और अफ्रीका, हममें बहुत समानताएं हैं।

उन्होंने कहा कि हम जिन समस्याओं का सामना करते हैं, वे समान हैं, और हमारे दोनों महाद्वीपों के बीच जो अवसर मौजूद हैं, वे समान हैं, इसलिए आगे बढ़ने का एकमात्र तरीका यह है कि हम सहयोग करें और वैश्विक नेताओं द्वारा विभिन्न भाषणों को सुनने के बाद यह तथ्य सामने आया कि दुनिया के लिए स्थायी विकास का रास्ता अपनाने का समय आ गया है, जिसमें अफ्रीका भी शामिल है।

विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (राज्य) ए. अजय कुमार ने भारत-अफ्रीका बिजनेस लिंकेज पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को लेकर कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अफ्रीका के साथ भारत के व्यापारिक संबंधों को नई ऊर्जा देना है। अफ्रीका के साथ हमारा व्यापार पहले से ही काफी मजबूत है, लेकिन हमें इसे और आगे ले जाना है, क्योंकि इसमें अपार संभावनाएं मौजूद हैं। अफ्रीका एक विशाल महाद्वीप है और भारत एक बड़ा बाजार है, इसलिए इस सम्मेलन का मूल फोकस इसी पर है कि क्षेत्र के कारोबारियों को अफ्रीका को एक अहम व्यापारिक गंतव्य के तौर पर देखने के लिए प्रोत्साहित किया जाए और दोनों पक्षों के बीच मजबूत संबंध बनाए जाएं।

उन्होंने कहा कि ब्रिक्स इस समय विस्तार के दौर से गुजर रहा है और कई प्रमुख अफ्रीकी देश पहले ही इसमें शामिल हो चुके हैं। ऐसे में निश्चित तौर पर इस तरह के अंतरराष्ट्रीय बहुपक्षीय मंच अफ्रीकी देशों के साथ भारत के आदान-प्रदान को और बढ़ावा देंगे और अफ्रीका के साथ हमारे कारोबार को प्रोत्साहन मिलेगा।

--आईएएनएस

केके/एबीएम