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भामा शाह जयंती कार्यक्रम में शामिल हुए नीतीश कुमार, कार्यकर्ताओं ने किया भव्य स्वागत

 

पटना, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के 12 दिन बाद नीतीश कुमार रविवार को पटना स्थित जदयू कार्यालय पहुंचे, जहां वे भामाशाह जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान जदयू कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया और नीतीश कुमार ने खुद पर बने गाने पर ताली बजाई।

जेडीयू कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का भी गर्मजोशी से स्वागत किया। संगीतमय स्वागत समारोह ने समर्थकों में उत्साह का माहौल बना दिया। इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव, पूर्व मंत्री श्रवण कुमार, अशोक चौधरी और लेशी सिंह भी शामिल हुईं।

जेडीयू नेता लेशी सिंह ने कहा, "भामा शाह का जीवन अमर है। वे भामा शाह के नाम से जाने जाते हैं, जो अपने बलिदान और उदारता के लिए प्रसिद्ध हैं। सैकड़ों वर्षों बाद भी उनकी कहानी आज भी याद की जाती है।"

पूर्व मंत्री श्रवण कुमार ने कहा, "हम सभी भामा शाह का आशीर्वाद लेने आए हैं। आज के कार्यक्रम का उद्घाटन नीतीश कुमार ने किया। नीतीश कुमार ने बिहार को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है, जबकि लालू यादव की सरकार में यहां जंगल राज था। यहां आने से लोग डरते थे।"

उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार ऐसा कार्यक्रम में हिस्सा लेते रहते हैं। इससे कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ता है। उन्होंने कहा कि जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार होगा।

वहीं, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा, "आज बीआईए सभागार, पटना में पंचायती राज प्रकोष्ठ, बिहार प्रदेश भाजपा द्वारा आयोजित भामाशाह जयंती समारोह 2026 में सम्मिलित होकर महान दानवीर भामाशाह की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किया। भामाशाह केवल दानवीर ही नहीं, बल्कि एक कुशल सेनापति भी थे। उन्होंने अपने त्याग, पराक्रम और राष्ट्र के प्रति समर्पण से इतिहास में अमिट छाप छोड़ी। महाराणा प्रताप के संघर्ष में अपना सर्वस्व अर्पित कर उन्होंने यह सिद्ध किया कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है।"

विजय सिन्हा ने कहा, "कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं सम्मानित नागरिकों को संबोधित करते हुए भामाशाह के जीवन से प्रेरणा लेने का आग्रह किया। साथ ही बिहार के कोने-कोने से आए राणा-भामा वंशजों को संबोधित करते हुए इन गौरवशाली विभूतियों की वीरगाथाओं को साझा किया और सभी को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। भामाशाह की राष्ट्रसेवा हमें जीवन में समर्पण, साहस और धर्म के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा देती है। ऐसे महापुरुष का जीवन हमें सिखाता है कि जब देश और समाज की बात हो तो व्यक्तिगत हित पीछे रह जाते हैं। एनडीए सरकार वीरों की इसी गौरवशाली परंपरा और जनकल्याण के पथ पर दृढ़ता से अग्रसर है।"

--आईएएनएस

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