भाजपा सरकार में नक्सलवाद का अंत, कांग्रेस शासन में सिर्फ आंसू मिले : रोहन गुप्ता
अहमदाबाद, 31 मार्च (आईएएनएस)। भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नक्सलवाद पर दिए बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में नक्सलवाद का अंत हुआ, जबकि कांग्रेस शासन में सिर्फ आंसू मिले।
रोहन गुप्ता ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति का सबूत पेश किया कि कैसे समयबद्ध तरीके से नक्सलवाद को खत्म किया गया है। कांग्रेस अपने शासन में नक्सलियों के साथ खड़ी रही, नक्सलियों की मौत पर आंसू बहाए गए। जम्मू कश्मीर में कांग्रेस के राज में पत्थरबाजी होती थी, कहीं न कहीं तुष्टीकरण की राजनीति होती थी।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के विषय को इंडिया ब्लॉक राजनीतिक मुद्दा बनाती है। राजनीति राष्ट्रनीति से ऊपर कैसे हो सकती है। इसी बात का तो दुख है। इसीलिए देश की जनता विपक्ष की मानसिकता को स्वीकार नहीं करती है। घुसपैठियों को अगर भारत से खदेड़ा जाता है तो आप उसे कैसे राजनीति से जोड़ सकते हैं। विपक्ष ने जब-जब घुसपैठियों के नाम पर राजनीति करनी चाही है, देश की जनता ने उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया है। केंद्र सरकार की घुसपैठ को लेकर स्पष्ट नीति है कि घुसपैठिए भारतीय नहीं हो सकते हैं। वे भारत के लोगों का अधिकार छीन नहीं सकते हैं।
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध पर रोहन गुप्ता ने कहा कि पीएम मोदी का नेतृत्व कठिन परिस्थितियों में महसूस होता है। ऊर्जा संकट को विश्व देख रहा है। लेकिन, भारत के ऊपर असर नहीं हुआ है। पीएम मोदी जनता के बारे में खुद से ज्यादा सोचते हैं, वह 140 करोड़ भारतीयों को परिवार का सदस्य मानते हैं।
उन्होंने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए कहा कि टीएमसी को मालूम हो चला है कि उनकी बंगाल में जमीनी हकीकत क्या है। भड़काऊ भाषण देकर अपनी विफल राजनीति को बचाने का प्रयास हो रहा है। जनता उसे सफल नहीं होने देगी।
उन्होंने कहा कि बंगाल का चुनाव टीएमसी हारने वाली है। झूठ की बुनियाद और डर की राजनीति पर खड़ी टीएमसी के पतन का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। गैस और कैश बंद होने की अफवाह फैलाना टीएमसी की हताशा का सबूत है। जब केंद्र की नीतियां सीधे जनता के बैंक खातों और चूल्हों तक पहुंच रही है, तब टीएमसी के पैरों तले जमीन खिसक गई है। बंगाल की नारी शक्ति अब टीएमसी के 'खौफ के सिंडिकेट' से नहीं डरेगी। 2026 की गूंज साफ है, झूठ का अंत, डर का अंत, अब सिर्फ विकास का शंखनाद होगा।
--आईएएनएस
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