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भाजपा ने उत्तराखंड से दिनेश आर्य और पश्चिम बंगाल से कोयल मल्लिक को बनाया राज्यसभा का उम्मीदवार

 

नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने उत्तराखंड में होने वाले राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव और पश्चिम बंगाल में होने वाले राज्यसभा उपचुनाव 2026 के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की है।

भाजपा ने उत्तराखंड से दिनेश आर्य और पश्चिम बंगाल से रुक्मिणी मल्लिक (कोयल मल्लिक) को उम्मीदवार बनाया है। दिनेश आर्य उत्तराखंड में राज्यस्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष (दर्जा राज्यमंत्री), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जनसंपर्क अधिकारी, भाजपा के नैनीताल के पूर्व जिलाध्यक्ष और अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री रह चुके हैं।

वहीं, रुक्मिणी मल्लिक अभिनेत्री और राजनेता हैं, जिन्हें पेशेवर तौर पर कोयल मल्लिक या सिर्फ कोयल के नाम से जाना जाता है। उन्हें मुख्य रूप से बंगाली फिल्मों में उनके काम के लिए जाना जाता है। रुक्मिणी मल्लिक टीएमसी से राज्यसभा सदस्य रह चुकी हैं।

बता दें कि उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की 1 सीट पर द्विवार्षिक चुनाव होंगे जबकि पश्चिम बंगाल की एक सीट पर उपचुनाव होगा। इन सभी सीटों पर 16 अक्टूबर को मतदान होगा। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के 11 राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल नवंबर 2026 में खत्म हो रहा है। इसकी वजह से इन सीटों पर चुनाव कराया जा रहा है।

इसके अलावा पश्चिम बंगाल में एक सीट खाली हुई है। यहां से तृणमूल कांग्रेस से राज्यसभा सांसद रुक्मिणी मल्लिक ने 16 जुलाई को इस्तीफा दे दिया था। उनका कार्यकाल 2 अप्रैल 2032 तक था। इसी खाली सीट को भरने के लिए उपचुनाव होगा।

चुनाव आयोग के अनुसार, नामांकन भरने की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर तक है। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर शुक्रवार तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 16 अक्टूबर को होगा। वोटिंग का समय सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक रहेगा। उसी दिन शाम 5 बजे वोटों की गिनती शुरू होगी। चुनाव की पूरी प्रक्रिया 19 अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएगी।

चुनाव आयोग ने इस चुनाव के लिए एक खास नियम भी बताया है। वोट डालने के लिए बैलेट पेपर पर पसंद बताने के लिए केवल इंटीग्रेटेड वॉयलेट कलर के स्केच पेन का ही इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह पेन रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा दिया जाएगा। किसी और पेन से वोट नहीं डाला जा सकेगा। आयोग ने कहा है कि चुनाव को स्वतंत्र और निष्पक्ष बनाने के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की जाएगी और चुनाव प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखी जाएगी।

--आईएएनएस

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