भागलपुर में सबौर-गोनूधाम बाईपास को मंजूरी, निशिकांत दुबे ने पीएम मोदी व रेल मंत्री का जताया आभार
भागलपुर, 26 मार्च (आईएएनएस)। रेल मंत्रालय ने भागलपुर में एक नए रेल बाईपास प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। इस फैसले का मकसद रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना, स्टेशनों पर बढ़ती भीड़ को कम करना और ट्रेनों की आवाजाही को ज्यादा सुचारु बनाना है। झारखंड के गोड्डा से चौथी बार भाजपा से सांसद निशिकांत दुबे ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए पीएम मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया है।
उन्होंने कहा कि वह काफी समय से जसीडीह, मधुपुर और हंसडिहा की तरह यहां भी बाईपास बनाने की मांग कर रहे थे, जो अब पूरी हो गई है। उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को कर्मठ बताते हुए उनका खास तौर पर आभार व्यक्त किया।
डॉ. निशिकांत दुबे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भागलपुर के लोगों को बड़ा तोहफा दिया है। भागलपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ को देखते हुए अब भारत सरकार सबौर रेलवे स्टेशन से धार्मिक स्थल गोनूधाम तक बाईपास बनाएगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मैं लगातार जसीडीह, मधुपुर और हंसडिहा की तर्ज पर बाईपास बनाने का आग्रह कर रहा था, अब यह पूरा हुआ। कर्मठ रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार।"
अगर इस प्रोजेक्ट की बात करें तो यह बाईपास करीब 13.38 किलोमीटर लंबा होगा और इसकी अनुमानित लागत लगभग 303.20 करोड़ रुपये रखी गई है। यह लाइन बरहट-भागलपुर सेक्शन पर स्थित गोनुधाम हॉल्ट को भागलपुर-साहिबगंज सेक्शन के सबौर स्टेशन से जोड़ेगी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि भागलपुर जंक्शन पर ट्रेनों की भीड़ काफी हद तक कम हो जाएगी।
अभी की स्थिति यह है कि बरहट-भागलपुर रेलखंड अपनी क्षमता से 125 प्रतिशत से भी ज्यादा पर चल रहा है, जिसके कारण भारी भीड़भाड़ रहती है। इतना ही नहीं, इस रूट से गुजरने वाली ट्रेनों को भागलपुर स्टेशन पर इंजन बदलना पड़ता है, जिससे देरी होती है और संचालन में दिक्कतें आती हैं। नए बाईपास के बनने से ट्रेनों को बिना रुके सीधे रास्ता मिल जाएगा, जिससे समय की बचत होगी और यात्रियों को भी राहत मिलेगी।
--आईएएनएस
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