भागलपुर में बाढ़ की स्थिति पर मंत्री कुमार शैलेंद्र ने कहा-मेरे अनुरोध पर खोले गए सभी गेट, हालात सुधरे
पटना, 31 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर बिहार सरकार के मंत्री कुमार शैलेंद्र ने कहा कि इस बार प्रदेश के कुछ इलाकों में गंगा नदी की स्थिति सामान्य वर्षों से अलग है। उन्होंने बताया कि उनका क्षेत्र गंगा और कोसी नदियों के बीच स्थित है और हर साल दोनों नदियों के बढ़ते जलस्तर का सामना करना पड़ता है।
मंत्री कुमार शैलेंद्र ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा कि इस वर्ष बिहार में बारिश अपेक्षाकृत कम हुई है लेकिन ऊपरी क्षेत्रों से आए पानी के कारण भागलपुर जिले में उनके इलाके पर असर पड़ा है। उन्होंने बाढ़ की स्थिति में सुधार के लिए मुख्यमंत्री और सम्राट चौधरी का आभार जताया। उनके अनुरोध पर ऐसे सभी गेट खोल दिए गए, जिन्हें अब तक नहीं खोला गया था। उन्होंने दावा किया कि इससे जल निकासी में मदद मिली और स्थिति में सुधार आया।
बता दें कि नेपाल में बाढ़ के बाद बिहार की नदियों के जलस्तर को लेकर प्रशासन हाई अलर्ट पर है। खगड़िया, भागलपुर, बेगूसराय और मुंगेर में सोमवार सुबह मूसलाधार बारिश है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम विज्ञान केंद्र ने आज यानी सोमवार को बिहार के 11 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।
खासकर पूर्वी-पश्चिमी चंपारण और सीतामढ़ी में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश है। गोपालगंज में गंडक से संभावित प्रभाव को देखते हुए आपदा विभाग अलर्ट है।
मंत्री ने पश्चिम बंगाल की पिछली सरकार पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की सरकार के समय संबंधित गेट नहीं खोले गए थे, जिसकी वजह से पानी की स्थिति गंभीर बनी रही। हालांकि, उन्होंने मौजूदा परिस्थितियों में राहत मिलने की बात कही।
वहीं, राजनीतिक मुद्दों पर बोलते हुए कुमार शैलेंद्र ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत पूरे विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के पास जनता से जुड़े ठोस मुद्दे नहीं हैं। उनके मुताबिक, एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ विपक्ष के नेता व्यक्तिगत टिप्पणियों और ‘बबुआ’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल तक सीमित हैं।
धर्म और राजनीति को लेकर मंत्री ने कहा कि भारत में हर व्यक्ति को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है। उन्होंने खुद को सनातन धर्म में आस्था रखने वाला बताते हुए कहा कि उनकी सरकार किसी धर्म या जाति विशेष के लिए काम नहीं करती। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह एक खास नैरेटिव बनाकर यह धारणा फैलाने की कोशिश करता है कि सरकार मुसलमानों का समर्थन करती है।
--आईएएनएस
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