भवानीपुर में रिटर्निंग ऑफिसर को हटाने की मांग, सुवेंदु अधिकारी से नजदीकी का आरोप
कोलकाता, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच तृणमूल कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाया। टीएमसी की तरफ से आरोप लगाया गया है कि भवानीपुर में वर्तमान रिटर्निंग ऑफिसर सुरजीत रॉय का राजनीतिक उम्मीदवारों से करीबी संबंध है और उनकी नियुक्ति पक्षपातपूर्ण है।
टीएमसी द्वारा लिखे गए पत्र में बताया गया कि सुरजीत रॉय पहले नंदीग्राम-11 ब्लॉक के बीडीओ थे और उनके और भाजपा नेता एवं उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी के करीबी संबंध सार्वजनिक रूप से प्रमाणित हैं। ऐसे में आयोग और मतदाताओं के लिए यह सुनिश्चित करना मुश्किल हो जाता है कि वे निष्पक्ष रहकर चुनाव प्रक्रिया निभा सकते हैं।
इसके अलावा, यह भी कहा गया कि सुरजीत रॉय का वर्तमान पद अतिरिक्त निदेशक (भूमि अभिलेख) उनके वरिष्ठता स्तर के अनुरूप नहीं है। नियुक्ति का समय और चुनावी परिदृश्य देखते हुए यह पक्षपातपूर्ण लगती है। प्रतिनिधित्व में निर्वाचन आयोग से तत्काल कदम उठाने की मांग की गई है। इसमें कहा गया है कि सुरजीत रॉय को सभी चुनावी जिम्मेदारियों से हटाया जाए और भवानीपुर के लिए एक वरिष्ठ, निष्पक्ष और बिना राजनीतिक संबद्धता वाले अधिकारी को रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया जाए।
निर्वाचन आयोग से जल्द कार्रवाई की मांग की गई है ताकि भवानीपुर विधानसभा में चुनाव पूरी निष्पक्षता के साथ संपन्न हो सके।
इसके साथ ही, चुनाव आयोग ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के ईस्ट बर्दवान जिले में कर्तव्य में गंभीर लापरवाही के आरोप में खंडघोष विकास खंड की जॉइंट ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर और सहायक रिटर्निंग ऑफिसर ज्योत्स्ना खातून को निलंबित कर दिया।
चुनाव आयोग के सचिव सुजीत कुमार मिश्रा ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव दशयंत नारियाला को पत्र भेजकर खातून को तुरंत निलंबित करने और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया। पत्र में कहा गया, “आयोग के निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू किए जाएं और इस संबंध में अनुपालन रिपोर्ट 4 अप्रैल की सुबह 11 बजे तक भेजी जाए।”
--आईएएनएस
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