बेंगलुरु: ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ एनसीबी की कार्रवाई, पांच विदेशी नागरिक गिरफ्तार
बेंगलुरु, 7 सितंबर (आईएएनएस)। सरकार के 'नशा मुक्त भारत' के लक्ष्य को पाने के संकल्प और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के 2026-27 के विजन डॉक्यूमेंट के तहत एनसीबी की बेंगलुरु जोनल यूनिट ने ड्रग तस्करी और उससे जुड़े नेटवर्क के खिलाफ लगातार और खुफिया जानकारी पर आधारित ऑपरेशन चलाए।
इसको लेकर एनसीबी ने सोमवार को जानकारी दी कि इन ऑपरेशन्स में ड्रग तस्करी में शामिल होने के शक वाले और देश में गैर-कानूनी रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान करने और उन्हें वापस भेजने पर खास जोर दिया गया है।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, बेंगलुरु जोनल यूनिट ने बेंगलुरु में विदेशी नागरिकों की बस्तियों के बारे में खुफिया जानकारी जुटाई, जिनके निवासियों के शहर में ड्रग तस्करी की गतिविधियों से जुड़े होने का शक था। इस जानकारी के आधार पर एनसीबी ने सितंबर 2026 के पहले पखवाड़े में बेंगलुरु सिटी पुलिस (डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस - ईस्ट और डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस - व्हाइटफील्ड) के साथ मिलकर उनके अधिकार क्षेत्रों में एक विशेष अभियान चलाया गया।
ऑपरेशन के दौरान बेंगलुरु के कृष्णराजपुरा और कम्मनाहल्ली इलाकों में रह रहे अलग-अलग देशों के 5 विदेशी नागरिकों को पकड़ा गया। संदिग्ध लोगों पर शुरू में गुप्त रूप से नजर रखी गई, जिससे पता चला कि वे किसी भी वैध व्यापार, नौकरी या पढ़ाई-लिखाई से नहीं जुड़े थे और उनके ड्रग से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने का शक था।
आगे की जांच में उनकी असली पहचान का पता चला और उनके खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला। वे भारत में गैर-कानूनी रूप से रह रहे थे, इसलिए उन्हें जरूरी कार्रवाई और कानून के मुताबिक वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए संबंधित पुलिस को सौंप दिया गया।
यह ऑपरेशन 'फॉरेनर्स एक्ट, 1946' की धारा 7 के उल्लंघन को भी उजागर करता है, जिसके तहत मकान मालिकों के लिए यह जरूरी है कि वे विदेशी किराएदारों को रहने की जगह देने के 24 घंटे के भीतर पुलिस/एफआरआरओ को 'फॉर्म-सी' में जानकारी दें। ऐसा न करने पर एक्ट की धारा 14 के तहत 5 वर्ष तक की जेल हो सकती है।
इस ऑपरेशन के अलावा, एनसीबी बेंगलुरु जोनल यूनिट की मिली-जुली कोशिशों से वर्ष 2026 में गैर-कानूनी रूप से रहने और ड्रग तस्करी की गतिविधियों में शामिल होने के शक के आधार पर कुल 8 विदेशी नागरिकों, जिनमें 7 अफ्रीकी और 1 यमनी नागरिक शामिल हैं, को पहले ही वापस भेजा जा चुका है।
--आईएएनएस
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