बेंगलुरु: तरंग शक्ति अभ्यास में चमका स्वदेशी तेजस, एचएएल के दौरे पर आई 28 देशों के वायुसेना ने देखी भारत की ताकत
बेंगलुरु, 29 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय वायुसेना के सबसे बड़े बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास 'तरंग शक्ति 2026' के बीच हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) का तेजस डिवीजन मंगलवार को दुनियाभर की वायुसेनाओं के आकर्षण का केंद्र बन गया। एक्सरसाइज में हिस्सा लेने वाले 28 मित्र देशों के सीनियर डेलीगेट्स ने एचएएल के एलसीए तेजस डिवीजन का दौरा किया।
इस दौरे में इंडोनेशिया, थाईलैंड, ब्राजील, पेरू, अल्जीरिया, नाइजीरिया, आइवरी कोस्ट और मालदीव समेत 28 देशों के एयर चीफ और वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। सभी अधिकारियों का स्वागत एचएएल के सीएमडी डॉ. डीके सुनील और तेजस डिवीजन के वरिष्ठ अधिकारियों ने किया।
एचएएल ने कार्यक्रम की तस्वीरें साझा कर लिखा, "दुनियाभर की एयरफोर्स एचएएल में इकट्ठा हुईं। तरंग शक्ति 2026 एक्सरसाइज में हिस्सा लेने वाले इंडोनेशिया, थाईलैंड, ब्राजील, पेरू, इंडोनेशिया, अल्जीरिया, नाइजीरिया, आइवरी कोस्ट और मालदीव जैसे 28 दोस्त देशों की एयरफोर्स के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने एचएएल के एलसीए तेजस डिवीजन का दौरा किया।"
एचएएल ने डेलीगेट्स को स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस एमके1, तेजस एमके1ए और भविष्य के तेजस एमके2 प्रोग्राम की प्रगति के बारे में विस्तृत प्रस्तुति दी। अधिकारियों को तेजस की प्रोडक्शन लाइन, फाइनल असेंबली हैंगर और फ्लाइट टेस्टिंग सुविधाओं का दौरा भी कराया गया।
इंडोनेशिया, ब्राजील और नाइजीरिया जैसे देश अपने पुराने लड़ाकू बेड़े को बदलने के लिए किफायती और भरोसेमंद विकल्प की तलाश में हैं और तेजस उनकी जरूरतों के लिए एक मजबूत दावेदार के रूप में उभरा है।
एचएएल अधिकारियों ने बताया कि तेजस न केवल एक लड़ाकू विमान है, बल्कि 'मेक इन इंडिया' और आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक है। इसकी 65 फीसदी से अधिक स्वदेशी सामग्री और विश्व स्तरीय एवियोनिक्स इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाते हैं।
यह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब तरंग शक्ति 2026 में दुनिया की कई एयरफोर्स एक साथ अभ्यास कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के दौरे से भारत के रक्षा निर्यात को बड़ा बढ़ावा मिलेगा और तेजस को ग्लोबल मार्केट में नई पहचान मिलेगी।
तेजस एमके1ए कार्यक्रम के लिए एचएएल जीई एफ404 इंजन डील को आने वाले महीनों में बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच 12 अतिरिक्त जीई एफ404-आईएन20 इंजन मिलने की संभावना है, जिससे भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के लिए तेजस एमके1ए लड़ाकू विमानों का उत्पादन और डिलीवरी तेज करने में मदद मिलेगी।
एनडीटीवी डिफेंस समिट 2026 में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह के बयान के अनुसार, साल की अंतिम तिमाही के दौरान जीई एयरोस्पेस से इंजन की डिलीवरी में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। यह विकास तेजस एमके1ए कार्यक्रम के सामने आ रही सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक को हल करने में मदद कर सकता है।
कंपनी पहले ही एचएएल को 10 इंजन सप्लाई कर चुकी है, जिसमें अगस्त में हाल ही में दिए गए तीन इंजन भी शामिल हैं। अधिकारियों को अब अक्टूबर से दिसंबर तक हर महीने चार इंजन आने की उम्मीद है। यदि डिलीवरी शेड्यूल ट्रैक पर रहता है, तो एचएएल को साल के अंत से पहले 12 और इंजन मिल जाएंगे, जिससे सप्लाई किए गए इंजनों की कुल संख्या 22 हो जाएगी।
--आईएएनएस
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