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बंगाल में गुंडाराज, भ्रष्‍टाचार और घुसपैठ को बंद कराके छोड़ेंगे: अनुराग ठाकुर

 

भुवनेश्वर, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद अनुराग ठाकुर ने विपक्ष द्वारा पश्चिम बंगाल के विभाजन को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा हमेशा से देश की एकता और अखंडता में विश्वास रखती है।

उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य बंगाल में व्याप्त गुंडाराज, भ्रष्टाचार और अवैध घुसपैठ को समाप्त करना है और इसके लिए भाजपा प्रतिबद्ध है।

भाजपा नेता अनुराग ठाकुर ने कहा कि जनता अब बदलाव चाहती है और राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

उन्‍होंने मीडिया से बातचीत के दौरान नक्सलवाद के मुद्दे पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल के नक्सलबाड़ी से शुरू हुआ नक्सल आंदोलन धीरे-धीरे 126 जिलों तक फैल गया था, जिससे देश की लगभग 10 प्रतिशत आबादी प्रभावित हुई और उन्हें लंबे समय तक हिंसा और अत्याचार का सामना करना पड़ा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की गई है और इसे जड़ से खत्म करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। ठाकुर ने विश्वास जताया कि बंगाल में भी अराजकता और भ्रष्टाचार का अंत किया जाएगा तथा अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लेकर देश से बाहर भेजा जाएगा।

बंगाल में प्रचार के दौरान मछली भात खाने के विवाद पर उन्‍होंने कहा कि भारत में किसी भी राज्य में नागरिकों के खान-पान, पहनावे या भाषा पर कोई प्रतिबंध नहीं है, खासकर भाजपा शासित राज्यों में यह पूरी तरह सुनिश्चित किया जाता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल, जो लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद कोई ठोस उपलब्धि हासिल नहीं कर पाए, अब लोगों को भ्रमित करने के लिए भ्रामक बयान दे रहे हैं, जैसे कि ‘15 सेकंड में चावल और मछली खाना बंद करवा देंगे’ जैसी बातें।

ठाकुर ने कहा कि ऐसे बयान केवल डर और भ्रम फैलाने के उद्देश्य से दिए जा रहे हैं, जबकि जनता अब इस तरह की राजनीति को स्वीकार करने के मूड में नहीं है, और वह फिर से ‘जंगल राज’ या अव्यवस्था की स्थिति नहीं चाहती।

इसके अलावा, ठाकुर ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि राज्य में चुनाव के दौरान पहले पोलिंग बूथों पर कब्जा करने, मतदाताओं को डराने और उन्हें मतदान से रोकने जैसी घटनाएं होती रही हैं, जिससे लोकतंत्र कमजोर हुआ है।

हालांकि, उन्होंने कहा कि अब स्थिति बदल रही है और लोग अधिक स्वतंत्रता और आत्मविश्वास के साथ मतदान केंद्रों तक पहुंचने लगे हैं। उन्होंने कहा कि इसी बदलाव से घबराकर कुछ असामाजिक तत्व अब पुलिस को भी धमकाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन जनता का भरोसा लोकतंत्र में बढ़ रहा है और यह बदलाव आने वाले समय में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी