बंगाल में घुसपैठियों को लगातार आने देने का राजनीतिक एजेंडा टीएमसी के पास : हर्षवर्धन श्रृंगला
सिलीगुड़ी, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिलीगुड़ी में विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस पर राज्यसभा सांसद हर्षवर्धन श्रृंगला ने अपनी बात रखी।
उन्होंने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "सिलीगुड़ी जनसभा में जितनी भारी भीड़ उमड़ी, उतने लोगों को एक जगह इकट्ठा करना बेहद मुश्किल होता है। उन्होंने खुद बताया कि शुरू में सिर्फ 500 मीटर का रोड शो प्लान किया गया था, लेकिन लोगों की भारी भीड़ को देखते हुए यह रोड शो 14 से 15 किलोमीटर लंबा हो गया। यह पूरी तरह अनियोजित था, जनसैलाब देखकर हैरानी हुई।"
श्रृंगला ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने साफ तौर पर बताया कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार ने उत्तर बंगाल के विकास को जानबूझकर नजरअंदाज किया है क्योंकि यहां का वोट बैंक भाजपा की तरफ जा रहा है। उन्होंने कहा, "भाजपा की सरकार बनते ही माफियाओं के सिंडिकेट बंद हो जाएंगे। महिलाओं, युवाओं और किसानों को इसका सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा।"
उन्होंने भाजपा के 'संकल्प पत्र' को लेकर कहा, "पार्टी ने महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपए देने का वादा किया है। बेरोजगार युवाओं को भी 3,000 रुपए प्रतिमाह मिलेंगे। अगर कोई युवा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है तो उसे 15,000 रुपए की अतिरिक्त मदद दी जाएगी। ग्रेजुएशन करने वाली महिलाओं को 50,000 रुपए की समर्थन राशि मिलेगी। महिलाओं की सुरक्षा के लिए दुर्गा सुरक्षा स्क्वॉड, महिला पुलिस स्टेशन और लोकसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण जैसी कई महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी का विजन महिलाओं को समाज की मुख्यधारा में लाने का है। इससे न सिर्फ पूरे बंगाल खासतौर पर उत्तर बंगाल में बड़ा परिवर्तन आएगा।"
घुसपैठ के मुद्दे पर सांसद ने टीएमसी सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल की सीमा बांग्लादेश से लगती है, इसलिए यहां घुसपैठियों की समस्या गंभीर है। असम में भाजपा सरकार ने इस समस्या का मजबूती से मुकाबला किया और स्थिति नियंत्रण में आ गई। लेकिन टीएमसी सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जरूरी जमीन देने से भी टीएमसी ने इनकार कर दिया। ऐसा लगता है कि घुसपैठियों को लगातार आने देने का राजनीतिक एजेंडा टीएमसी के पास है, जिसका समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।"
उन्होंने अमेरिका-ईरान के बीच हुए 'इस्लामाबाद टॉक' पर कहा, "अमेरिका और ईरान के बीच हुई बैठक में दोनों पक्षों के बीच काफी गैप दिखा। दोनों ने अपने-अपने हितों को रखा है। नतीजे आने में समय लग सकता है। भारत की हमेशा यही इच्छा रही है कि क्षेत्र में शांति बनी रहे। पश्चिम एशिया में बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं और हमारा तेल आयात भी वहीं से होता है। इसलिए शांति स्थापना हमारे लिए जरूरी है। प्रधानमंत्री मोदी ने गल्फ देशों, ईरान, इजरायल और अमेरिका के नेताओं से लगातार बातचीत की है।"
--आईएएनएस
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