बंगाल चुनाव से पहले वाहनों की चेकिंग, टीएमसी ने आयोग पर साधा निशाना
कोलकाता, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने बुधवार को भारत निर्वाचन आयोग पर चुनिंदा तौर पर निशाना बनाने का आरोप लगाया। पार्टी ने कहा कि आयोग ने उसके नेताओं की गाड़ियों की चेकिंग के आदेश दिए हैं, जबकि कथित तौर पर भाजपा के पदाधिकारियों से जुड़े ऐसे ही मामलों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर कर टीएमसी ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के सभी 'प्रोटेक्टियों' (सुरक्षा प्राप्त लोगों) की गाड़ियों की सघन चेकिंग के आदेश दिए हैं। इसमें मुख्यमंत्री को छोड़कर बाकी सभी शामिल हैं। जब भाजपा नेताओं के पास से बिना हिसाब-किताब वाला कैश रंगे हाथों पकड़ा जाता है, तो वही आयोग आपराधिक चुप्पी साधे रहता है। यह चुनिंदा तौर पर निशाना क्यों साधा जा रहा है? भाजपा नेताओं और उनके 'प्रोटेक्टियों' पर वैसी ही सघन जांच क्यों नहीं की जा रही है?
सोशल मीडिया पोस्ट में टीएमसी ने सवाल उठाया कि भाजपा मंत्रियों के काफिलों की वैसी चेकिंग क्यों नहीं की जा रही है, जैसी तृणमूल नेताओं की गाड़ियों के लिए आदेशित की गई है। प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री सहित भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों के काफिलों को क्यों नहीं रोका जा रहा है और बंगाल में लाए जा रहे अवैध पैसे के लिए उनकी तलाशी क्यों नहीं ली जा रही है। उन्हें कौन सी जादुई सुरक्षा मिली हुई है।
इससे पहले तृणमूल कांग्रेस ने आयोग पर आरोप लगाया कि उसने आगामी दो चरणों वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए तैनात 'फ्लाइंग सर्विलांस टीमों' को विशेष निर्देश जारी किए हैं।
इन निर्देशों के तहत, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को छोड़कर, टीएमसी के सभी नेताओं और उनके करीबी रिश्तेदारों की गाड़ियों की चेकिंग करने को कहा गया है।
पार्टी ने कहा कि इस निर्देश के दायरे में उसके महासचिव अभिषेक बनर्जी और उनकी पत्नी रुजिरा नरूला बनर्जी भी हैं।
पार्टी ने एक कथित मैसेज का स्क्रीनशॉट भी जारी किया और आरोप लगाया कि इसे कथित तौर पर चुनाव आयोग ने 'फ्लाइंग सर्विलांस टीमों' को भेजा था और जिसमें ये निर्देश दिए गए थे।
--आईएएनएस
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