×

बेहतर सिंचाई सुविधाएं और जल संरक्षण के लिए उत्तर प्रदेश में चलेगा अभियान: स्वतंत्र देव

 

लखनऊ, 2 फरवरी (आईएएनएस)। किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं मुहैया कराने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार पूरे प्रदेश में अभियान चलाएगी। इसके तहत जल-संकटग्रस्त क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के अंतर्गत गहरे और मध्यम गहरे नलकूपों का निर्माण किया जाएगा। साथ ही पुराने चैकडैमों की मरम्मत और नए चैकडैम का निर्माण किया जाएगा। सोमवार को इसके निर्देश जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने लघु सिंचाई और भूगर्भ जल विभाग की बैठक में दिए।

मंत्री ने कहा कि लघु सिंचाई और भूगर्भ जल विभाग की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से बुंदेलखंड जैसे सूखाग्रस्त इलाके में भी किसानों की फसल उत्पादकता बढ़ी है, जिससे अन्नदाता किसानों की आय में बढ़ोतरी हुई है। जल निगम ग्रामीण मुख्यालय में करीब 6 घंटे तक चली बैठक में जलशक्ति मंत्री ने हर जिले में सिंचाई और भूगर्भ जल संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। साथ ही भविष्य में योजनाओं का क्रियान्वयन कैसे बेहतर बनाया जाए, इसके निर्देश भी दिए।

बैठक में जलशक्ति मंत्री ने बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। इस मौके पर हर जिले के अधिशासी अभियंता ने जिलों में किए जा रहे कार्यों का प्रस्तुतिकरण भी दिया।

स्वतंत्र देव ने बताया कि बुंदेलखंड जैसे जल संकटग्रस्त क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं और भूगर्भ जल संरक्षण के लिए सराहनीय काम किए गए हैं। 2017-18 से अब तक बुंदेलखंड के जल-संकटग्रस्त क्षेत्र में 1.37 लाख हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त सिंचाई क्षमता का सृजन किया गया है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के अंतर्गत 4,678 गहरे और 3,050 मध्यम गहरे नलकूपों का निर्माण किया गया है, जिससे पहले असिंचित भूमि भी अब खेती योग्य बनी है।

जलशक्ति मंत्री ने बताया कि बुंदेलखंड जैसे जल संकटग्रस्त क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा मुहैया कराने से खाद्यान्न उत्पादन बढ़ा है, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी हुई है। इसका असर लोगों के जीवन पर भी दिख रहा है। क्षेत्र से पलायन रुका है। किसानों को 132 सोलर पंपसेट उपलब्ध कराए गए हैं। जल संरक्षण के लिए 868 चेकडैम का निर्माण किया गया व 476 तालाबों का जीर्णोद्धार बैठक में

अधिकारियों ने बताया कि जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए बुंदेलखंड में 724 पुराने चेकडैम की मरम्मत कर पुनर्जीवित किया गया है। साथ ही 868 नए चेकडैम का निर्माण व 476 तालाबों का जीर्णोद्धार किया गया है। इसके अलावा भूजल रिचार्ज के लिए बुंदेलखंड के 739 शासकीय भवनों पर रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग स्थापित की गई है।

अधिकारियों ने बताया कि जल संरक्षण के लिए उठाए गए कदमों का परिणाम है कि बुंदेलखंड के 47 विकासखंडों में से 25 अब सुरक्षित श्रेणी में आ चुके हैं।

--आईएएनएस

विकेटी/एएसएच