ब्यूफोर्ट किले पर कब्जे के बाद नेतन्याहू का दावा, 'पहले से ज्यादा मजबूत होकर लौटे हम'
तेल अवीव, 31 मई (आईएएनएस)। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दक्षिणी लेबनान स्थित ऐतिहासिक ब्यूफोर्ट किले और उसके आसपास की रणनीतिक पहाड़ी पर इजरायली सेना के कब्जे का स्वागत करते हुए इसे इजरायल की नीति में "बड़ा बदलाव" करार दिया है। यह बयान ऐसे समय आया है जब इजरायली सेना हिज्बुल्लाह के खिलाफ अपने जमीनी अभियान का विस्तार करते हुए दक्षिणी लेबनान में और आगे बढ़ रही है।
अपने कार्यालय की ओर से जारी एक वीडियो संदेश में नेतन्याहू ने कहा, “ब्यूफोर्ट पर कब्जा एक महत्वपूर्ण चरण और हमारी नीति में बड़ा बदलाव है। अब मेरा निर्देश है कि उन क्षेत्रों पर हमारी पकड़ और मजबूत तथा व्यापक की जाए, जो पहले हिज्बुल्लाह के नियंत्रण में थे।”
नेतन्याहू ने याद दिलाया कि 1982 के पहले लेबनान युद्ध के दौरान ब्यूफोर्ट किले पर कब्जा इजरायली समाज में गहरे विभाजन का कारण बन गया था। इजरायल ने दक्षिणी लेबनान पर अपने 18 वर्षीय कब्जे (1982–2000) के दौरान इस क्षेत्र पर नियंत्रण बनाए रखा था, लेकिन 2000 में अपनी सेना वापस बुला ली थी।
उन्होंने कहा, “आज हम ब्यूफोर्ट में अलग तरीके से लौटे हैं। हम एकजुट, दृढ़ संकल्प के साथ और पहले से कहीं अधिक मजबूत होकर लौटे हैं। हमने भय की दीवार को तोड़ दिया है। अब पहल हमारे हाथ में है। हम सीरिया, गाजा और लेबनान सहित सभी मोर्चों पर कार्रवाई कर रहे हैं। अपने समुदायों की सुरक्षा के लिए हमने अपनी सीमाओं से बाहर सुरक्षा क्षेत्र स्थापित किए हैं।”
नेतन्याहू ने दावा किया कि अक्टूबर 2023 में हमास के हमले के बाद से इजरायल ने हिज्बुल्लाह के 8,000 लड़ाकों को मार गिराया है। उनके अनुसार, इनमें से 3,000 लड़ाके पिछले वर्ष ईरान के खिलाफ शुरू हुए युद्ध के बाद मारे गए, जबकि 700 लड़ाके सिर्फ पिछले महीने मारे गए।
उन्होंने कहा, “इसमें समय लगेगा, लेकिन हम अपना मिशन पूरा करेंगे।”
नेतन्याहू के अनुसार, अप्रैल मध्य में इजरायल और लेबनान के बीच घोषित युद्धविराम के बाद से अब तक 13 इजरायली नागरिकों और सैनिकों की मौत हो चुकी है।
--आईएएनएस
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