बेअदबी रोकने के लिए संशोधित बिल पर बोले मोहिंदर भगत- 'सर्वसम्मति से पास किया गया'
चंडीगढ़, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। पंजाब विधानसभा में सोमवार को बेअदबी रोकने के लिए ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक-2026’ पास किया गया। इसे लेकर पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि पंजाबवासियों और देशवासियों को बैसाखी की बधाई।
मोहिंदर भगत ने कहा कि आज के दिन ही गुरु साहिब ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। इस पवित्र और ऐतिहासिक दिन ही हमारी आस्था से जुड़ा हुआ एक पवित्र संशोधन बिल सीएम ने विधानसभा में पेश किया, जिसको सर्वसम्मति से पास किया गया। पिछले दिनों गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की गई थी, जिससे लोगों में काफी गुस्सा था। इस एक्ट में उम्रकैद की सजा और 20 लाख रुपए जुर्माने का प्रवधान है।
पंजाब के कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि गुरु साहब के साथ बेअदबी धार्मिक मुद्दा तो था ही, लेकिन इससे पंजाब का माहौल खराब हो जाता था। हर कोई गुरु साहब का सत्कार करता है। इसके लिए कोई सख्त कानून नहीं था। बार-बार ऐसी घटनाएं न हो, इसके लिए सर्वसम्मति से पास किया गया। इस विधेयक में उम्रकैद की सजा का प्रावधान किया गया है। अगर गुरु साहब की कहीं भी बेअदबी होगी तो वो छूट नहीं पाएगा। इसका सभी पार्टियों ने समर्थन किया है।
कांग्रेस नेता परगट सिंह ने कहा कि इसका कानूनी पहलू अलग है। बेशक, हम चाहते हैं कि यह बिल पास हो, और अगर सरकार हमें किसी भी दिशा में अपने साथ ले जाना चाहती है तो हम जरूर जाएंगे, लेकिन बात बस इतनी सी है; कानूनी तौर पर, जब इसका स्वरूप बदलता है, पहले यह एक 'राज्य बिल' था, जिसका स्वरूप 'नियामक' था। अगर इसमें संशोधन करके सजा के प्रावधानों को बढ़ाया गया है, कहीं न कहीं जब आईपीसी के तहत मुकदमे चलेंगे तो यह आईपीसी, सीआरपीसी और बीएनएस का हिस्सा बन जाएगा और एक बार जब यह इनका हिस्सा बन जाएगा तो यह विरोधाभासी हो जाएगा।
आम आदमी पार्टी विधायक इंदरबीर सिंह निज्जर ने कहा कि हम खुश हैं, क्योंकि यह बिल सर्वसम्मति से पारित हुआ है। इस बिल की निश्चित रूप से जरूरत थी, और अब इसे पेश किया गया है, क्योंकि हर कोई इसकी मांग कर रहा था।
--आईएएनएस
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