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बीसीसीआई का फैसला सराहनीय, भारतीय भावनाओं का किया सम्मान : विनोद बंसल

 

नई दिल्ली, 3 जनवरी (आईएएनएस)। विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को टीम से हटाने के निर्देश दिए जाने के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बीसीसीआई के इस फैसले की सराहना करते हुए कहा कि एक बांग्लादेशी खिलाड़ी के खिलाफ कार्रवाई करके बोर्ड ने भारतीय भावनाओं का सम्मान किया है।

उन्होंने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार और हत्याओं का सिलसिला लगातार जारी है और यह रुकने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में एक और हिंदू की नृशंस हत्या हुई है, जिसमें एक व्यापारी को दुकान से लौटते समय रास्ते में रोककर चाकू से गोद दिया गया। उन्होंने बताया कि जब हमलावरों को लगा कि व्यापारी अभी जीवित है, तो उसके ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। गंभीर रूप से झुलसा यह व्यापारी दो-तीन दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करता रहा और अंततः उसकी मौत हो गई।

विनोद बंसल ने कहा कि इस तरह की घटनाएं न केवल मानवता को शर्मसार करती हैं, बल्कि बांग्लादेश की सामाजिक और सांस्कृतिक छवि को भी नष्ट कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदुओं को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है और यह सिलसिला अब असहनीय हो चुका है। इस गंभीर पृष्ठभूमि में बीसीसीआई का केकेआर को निर्देश देना एक तरह से आईना दिखाने जैसा है और यह उन लोगों के लिए एक सख्त संदेश है, जो अब तक समय पर कार्रवाई करने में विफल रहे हैं।

विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता ने बीसीसीआई के इस फैसले की सराहना करते हुए कहा कि एक बांग्लादेशी खिलाड़ी के खिलाफ कार्रवाई करके बोर्ड ने भारतीय भावनाओं का सम्मान किया है और यह स्पष्ट कर दिया है कि हिंदू समुदाय पर हो रहे हमलों को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यह फैसला मौजूदा बांग्लादेश सरकार के लिए भी एक साफ संकेत है कि हिंदू धर्म और समुदाय के खिलाफ जारी हिंसा को तुरंत रोका जाना चाहिए।

विनोद बंसल ने जोर देकर कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा सहनशीलता की सभी सीमाएं पार कर चुकी है और अब इस अंतहीन रक्तपात को समाप्त किया जाना जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

--आईएएनएस

एएसएच/डीएससी

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