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आरबीआई के फैसले से राहत, जून में नहीं बढ़ेगी ईएमआई; एसबीआई से एचडीएफसी तक जानिए कहां मिल रहा सस्ता होम लोन

 

नई दिल्ली, 6 जून (आईएएनएस)। अपना घर खरीदना आज भी अधिकांश लोगों का सबसे बड़ा सपना होता है, लेकिन बढ़ती प्रॉपर्टी कीमतों के बीच होम लोन के बिना यह सपना पूरा करना आसान नहीं है। ऐसे में घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों की नजर सबसे पहले होम लोन की ब्याज दरों पर रहती है। जून 2026 में होम लोन लेने वालों के लिए अच्छी खबर यह है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अपनी ताजा मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। इससे फिलहाल होम लोन की ईएमआई पर अतिरिक्त बोझ बढ़ने की आशंका नहीं है।

रेपो रेट वह ब्याज दर होती है जिस पर आरबीआई वाणिज्यिक बैंकों को धन उपलब्ध कराता है। जब रेपो रेट बढ़ती है तो बैंकों के लिए फंड जुटाने की लागत बढ़ जाती है, जिसका असर लोन की ब्याज दरों और ईएमआई पर पड़ता है। इस बार आरबीआई ने दरों में कोई बदलाव नहीं किया है और नीतिगत रुख को भी तटस्थ (न्यूट्रल) बनाए रखा है। ऐसे में मौजूदा होम लोन ग्राहकों और नए उधारकर्ताओं दोनों को राहत मिली है, क्योंकि निकट भविष्य में ईएमआई बढ़ने की संभावना कम दिखाई दे रही है।

सरकारी बैंकों की बात करें तो कई बैंक प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों पर होम लोन की पेशकश कर रहे हैं।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की होम लोन दरें 7.25 प्रतिशत से शुरू होकर 9.05 प्रतिशत तक हैं।

बैंक ऑफ बड़ौदा 7.20 प्रतिशत से 9.25 प्रतिशत के बीच होम लोन उपलब्ध करा रहा है।

वहीं, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ इंडिया दोनों में शुरुआती ब्याज दर 7.10 प्रतिशत है।

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया 7.15 प्रतिशत से होम लोन दे रहा है, जबकि केनरा बैंक में यह दर 7.25 प्रतिशत से शुरू होती है।

इंडियन ओवरसीज बैंक नौकरीपेशा ग्राहकों को 7.10 प्रतिशत की शुरुआती दर पर होम लोन उपलब्ध करा रहा है।

निजी क्षेत्र के बैंकों में भी होम लोन को लेकर प्रतिस्पर्धा बनी हुई है।

आईसीआईसीआई बैंक में होम लोन की शुरुआती ब्याज दर 7.50 प्रतिशत है।

कोटक महिंद्रा बैंक 7.60 प्रतिशत से होम लोन ऑफर कर रहा है।

जबकि एचडीएफसी बैंक की शुरुआती दर 7.75 प्रतिशत है।

एक्सिस बैंक में ब्याज दरें 8 प्रतिशत से शुरू होकर ग्राहक की प्रोफाइल और पात्रता के आधार पर 11.90 प्रतिशत तक जा सकती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि होम लोन चुनते समय केवल ब्याज दर को ही आधार नहीं बनाना चाहिए। प्रोसेसिंग फीस, प्री-पेमेंट और फोरक्लोजर चार्ज, लोन अवधि, क्रेडिट स्कोर और अन्य शर्तें भी कुल लागत को प्रभावित करती हैं। कई बार थोड़ी अधिक ब्याज दर वाला लोन बेहतर सुविधाओं और कम अतिरिक्त शुल्क के कारण ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है।

यदि आप निकट भविष्य में घर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो विभिन्न बैंकों की ब्याज दरों और शर्तों की तुलना जरूर करें। साथ ही अपना क्रेडिट स्कोर मजबूत रखें, क्योंकि बेहतर सिबिल स्कोर वाले ग्राहकों को अक्सर कम ब्याज दर पर लोन मिलने की संभावना अधिक रहती है। आरबीआई द्वारा रेपो रेट को स्थिर रखने के बाद फिलहाल होम लोन बाजार में स्थिरता बनी हुई है, जिससे घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों को राहत मिली है।

डिस्क्लेमर: होम लोन की ब्याज दरें समय-समय पर बदल सकती हैं और यह ग्राहक की प्रोफाइल, आय, क्रेडिट स्कोर तथा बैंक की नीतियों पर निर्भर करती हैं। किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले संबंधित बैंक की आधिकारिक जानकारी अवश्य जांच लें।

--आईएएनएस

डीबीपी/एएस