बस्तर अब आतंकमुक्त, जवानों की वजह से खत्म हुआ नक्सल कैडर : विजय शर्मा
रायपुर, 8 नवंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीपावली के अवसर पर छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ त्योहार मनाया। उनके दौरे को लेकर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, पूर्व नक्सली सोढ़ी मंजुला और स्थानीय लोगों ने इसे नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा कि बस्तर में नक्सली गतिविधियां लगभग समाप्त हो चुकी हैं और प्रधानमंत्री का जवानों के बीच पहुंचना इस बात का संदेश है कि क्षेत्र अब शांति और विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने भी जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में मिली सफलता महत्वपूर्ण है, लेकिन विकसित भारत के निर्माण के लिए देश को अभी लंबा सफर तय करना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बस्तर दौरे को लेकर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि इस दीपावली में देश नक्सलवाद मुक्त है। कोई भी नक्सल कैडर सक्रिय नहीं है। इसी बस्तर में 'जनताना सरकार' हुआ करती थी और एक संगठन था, जो संविधान को मानने से इनकार किया करता था।
उन्होंने कहा कि आज बस्तर के कोने-कोने में संविधान लागू है। नक्सल कैडर समाप्त हो चुका है और इनका सफाया जवानों की वजह से हुआ है। प्रधानमंत्री का उनसे मिलना और उनके साथ दीपावली मनाना पूरी दुनिया को संदेश है कि बस्तर अब पूरी तरह आतंक मुक्त हो चुका है। प्रधानमंत्री का मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।
वहीं, पूर्व नक्सली महिला सोढ़ी मंजुला ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि मैंने 2024 में सरेंडर किया था। मैं 15 साल तक नक्सलियों के साथ थी। अब नक्सली खत्म हो चुके हैं। सरेंडर के बाद मुझे नौकरी मिली और पुनर्वास का लाभ मिला। प्रधानमंत्री मोदी की योजनाओं से मुझे कई सुविधाएं मिली हैं और अब तक कोई समस्या नहीं हुई है।
बस्तर के एक स्थानीय शख्स ने कहा कि दीपावली के दिन प्रधानमंत्री का बस्तर आना हम लोगों के लिए बड़े सौभाग्य की बात है। उन्होंने जवानों से मुलाकात की, मिठाई खिलाई और उनसे बातचीत भी की। यह सेना के जवानों का मनोबल बढ़ाने वाला कार्य है। 31 मार्च के बाद से नक्सली घटनाएं नहीं हुई हैं। यह हमारे राज्य के लिए बड़ी बात है। उन्होंने संदेश दिया है कि हम आपके साथ हैं और आप हैं तो हम सभी सुरक्षित हैं।
प्रधानमंत्री ने जवानों के बीच अपनी बात रखते हुए कहा कि नक्सलवाद (माओवाद) का खात्मा ही अंतिम लक्ष्य नहीं है और देश को अभी बहुत लंबा सफर तय करना है। दिवाली के अवसर पर बस्तर में सुरक्षा बलों के जवानों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि हाल की सफलताओं को देश की बड़ी आकांक्षाओं को पूरा करने की मजबूत नींव बनना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा, ''आज की उपलब्धियां हमें प्रेरणा देती हैं, लेकिन यह यात्रा का अंत नहीं है। मैं फिर कहता हूं, यह यात्रा का अंत नहीं है।''
उन्होंने कहा कि नक्सलवाद और गरीबी के खिलाफ मिली सफलता एक नई उड़ान की शुरुआत है, जिसके जरिए भारत उन सपनों को पूरा कर सकता है, जिन्हें कई पीढ़ियों ने सदियों से देखा है।
प्रधानमंत्री ने सुरक्षा बलों के जवानों की भावना का जिक्र करते हुए कहा, “मां, तेरी शान बनी रहे, हम रहें या न रहें, तेरी शान बनी रहे।” उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि यह भावना एक नए विश्वास और संकल्प में बदल जाए।
--आईएएनएस
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