बांकीपुर उपचुनाव: कम मतदान के बावजूद एनडीए को बड़ी जीत का भरोसा, प्रशांत किशोर पर भी साधा निशाना
पटना, 31 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मतदान प्रतिशत अपेक्षाकृत कम रहने के बावजूद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और एनडीए के नेताओं ने अपनी जीत का दावा किया है। वहीं जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर को लेकर भी भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी और उन पर चुनाव के दौरान माहौल खराब करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
बिहार सरकार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि उपचुनावों में मतदान प्रतिशत सामान्य चुनावों की तुलना में हमेशा कम रहता है। उन्होंने कहा कि अगर पिछले चार-पांच चुनावों का रिकॉर्ड देखा जाए तो बांकीपुर में मतदान का प्रतिशत लगभग इसी स्तर पर रहा है। उनके मुताबिक, भाजपा ने इस बार किसी बड़े चेहरे के बजाय संगठन के एक साधारण कार्यकर्ता और मंडल अध्यक्ष रहे नीरज सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है, जो पार्टी की मजबूत संगठनात्मक व्यवस्था को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का क्षेत्र के लोगों से वर्षों पुराना जुड़ाव और व्यक्तिगत संबंध पार्टी के लिए बड़ी ताकत है। यही कारण है कि मतदाताओं का भरोसा एनडीए के साथ बना हुआ है और इसका फायदा चुनाव परिणाम में भी देखने को मिलेगा।
भाजपा नेता मृत्युंजय तिवारी ने भी बांकीपुर की जनता का आभार जताते हुए दावा किया कि लोगों ने एक बार फिर भाजपा पर विश्वास जताया है। एनडीए प्रत्याशी नीरज सिन्हा भारी मतों से जीत दर्ज करेंगे। यह जीत केवल एक उम्मीदवार की नहीं, बल्कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के प्रति जनता के विश्वास और सम्मान का भी प्रतीक होगी।
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कम मतदान प्रतिशत को लेकर कहा कि उपचुनावों में वोटिंग कम होना कोई नई बात नहीं है। उन्होंने 2006 के उपचुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय नितिन नवीन पहली बार चुनाव मैदान में उतरे थे और तब केवल 19 प्रतिशत मतदान हुआ था। इसके मुकाबले इस बार करीब 35 प्रतिशत मतदान हुआ है, जो उपचुनाव के हिसाब से संतोषजनक है।
संजय सरावगी ने जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर के आरोपों पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान कानून का उल्लंघन करने वाले खुद प्रशांत किशोर और उनके समर्थक थे, लेकिन आरोप भाजपा पर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि चुनाव परिणाम उनके पक्ष में न आए तो संभव है कि वे ईवीएम पर भी सवाल उठाएं।
दिल्ली में जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने भी एनडीए की जीत का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य और देश के विकास के लिए योग्य प्रतिनिधियों का चुना जाना बेहद जरूरी है। उन्होंने माना कि मतदान प्रतिशत अधिक होना चाहिए था, लेकिन इसके बावजूद 34 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
प्रशांत किशोर के विरोध और चुनाव के दौरान हुए विवाद पर राजीव रंजन ने कहा कि टीवी और सोशल मीडिया पर आए वीडियो साफ बताते हैं कि मतदान केंद्रों के आसपास किसने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि जन सुराज के समर्थक बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों के पास पहुंचे और कई जगह निर्धारित प्रतिबंधित क्षेत्र में भी प्रवेश करने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि भाजपा और एनडीए कार्यकर्ताओं ने पूरे चुनाव के दौरान संयम का परिचय दिया और मतदाताओं को शांतिपूर्ण तरीके से मतदान कराने में सहयोग किया। उनके अनुसार इसी अनुशासित कार्यशैली का लाभ एनडीए को चुनाव परिणाम में मिलेगा।
-- आईएएनएस
पीआईएम/डीकेपी