बांके बिहारी मंदिर में होलिका दहन पर दर्शन बंद, आरती और पट-बंद की समय सारणी जारी
वृन्दावन के विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी महाराज मंदिर में इस बार होलिका दहन के अवसर पर भक्तों को दर्शन नहीं मिल पाएंगे। इस बार के उत्सव पर चंद्र ग्रहण के कारण मंदिर प्रशासन ने अल्प समय में दर्शन देने का निर्णय लिया है। मंदिर समिति ने होलिका दहन के लिए सेवा नियमावली और दर्शन-संबंधी समय सारणी भी जारी कर दी है।
जानकारी के अनुसार, होलिका दहन 3 मार्च को आयोजित किया जाएगा। इस दिन की श्रृंगार आरती सुबह 6:25 मिनट पर होगी। इसके बाद राजभोग आरती सुबह 8:25 बजे शुरू होगी। इस आरती के ठीक पांच मिनट बाद, यानी सुबह 8:30 बजे, बांके बिहारी महाराज के पट बंद कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही मंदिर सुबह 8:30 बजे से शाम 7 बजे तक बंद रहेगा और इस दौरान किसी भी भक्त को दर्शन की सुविधा नहीं मिलेगी।
मंदिर कमेटी के सदस्यों ने भक्तों से अपील की है कि वे इस दिन दर्शन के लिए सुबह जल्दी पहुंचने या लंबे समय तक प्रतीक्षा करने का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि चंद्र ग्रहण और धार्मिक अनुष्ठानों के चलते दर्शन में यह अस्थायी बदलाव किया गया है। समिति ने यह भी कहा कि होलिका दहन और आरती का आयोजन पूरी भव्यता और धार्मिक नियमों के अनुसार किया जाएगा, ताकि भक्तों को पवित्र अनुभव प्राप्त हो सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि होलिका दहन का पर्व हिन्दू संस्कृति में बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। बांके बिहारी मंदिर में होलिका दहन का आयोजन भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। हालांकि इस बार चंद्र ग्रहण के कारण दर्शन में असुविधा होगी, फिर भी धार्मिक उत्सव की गरिमा और श्रद्धा के साथ आयोजन किया जाएगा।
मंदिर प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि पट खुलने के बाद सुबह 8:30 से शाम 7 बजे तक भक्तों को दर्शन की सुविधा नहीं मिलेगी, इसलिए श्रद्धालुओं को समय और व्यवस्था का ध्यान रखने का अनुरोध किया गया है। इसके अलावा, मंदिर परिसर में सुरक्षा और भक्तों की सुविधा के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की जाएगी।
स्थानीय भक्तों का कहना है कि इस बार दर्शन बंद होने के बावजूद, मंदिर में होलिका दहन और आरती का आनंद लेने की धूम देखने लायक होगी। भक्त इस अवसर को धार्मिक भावना और उत्साह के साथ मनाएंगे।
बांके बिहारी मंदिर प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी किसी धार्मिक या खगोलीय घटनाओं के समय दर्शन और पूजा की व्यवस्था में आवश्यक बदलाव किए जा सकते हैं। इसका उद्देश्य भक्तों और मंदिर कर्मचारियों दोनों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
इस प्रकार, इस साल के होलिका दहन पर भक्तों को अल्प समय में दर्शन मिलेगा और पट बंद रहने के कारण पूरी सुबह दर्शन की सुविधा नहीं रहेगी। मंदिर समिति ने समय सारणी और नियमावली जारी कर भक्तों को पूरी जानकारी प्रदान कर दी है, ताकि इस महत्वपूर्ण पर्व को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा सके।