बांग्लादेश की वर्तमान स्थिति को देखते हुए ऐसे फैसले उठाने पड़ते हैं: टीएस सिंहदेव
रायपुर, 3 जनवरी (आईएएनएस)। फिल्म स्टार शाहरुख खान की आईपीएल टीम केकेआर से बांग्लादेशी क्रिकेटर को रिलीव किए जाने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टीएस सिंह देव ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय राजनीति का हिस्सा है और किसी खिलाड़ी के खिलाफ व्यक्तिगत तौर पर लिया गया फैसला नहीं है।
कांग्रेस नेता का यह बयान उस वक्त आया है जब बांग्लादेश की वर्तमान स्थिति ठीक नहीं है, जहां हिन्दुओं पर लगातार अत्याचार हो रहा है। दूसरी ओर, भारत में शाहरुख खान की आईपीएल टीम केकेआर में बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान के खरीदे जाने पर किंग खान को विरोध का सामना करना पड़ा। साधु-संतों से लेकर नेताओं ने भी विरोध जताया। किंग खान से इस पूरे मामले पर स्टैंड लेने के लिए कहा गया। बांग्लादेशी खिलाड़ी को लेकर भारत में बढ़ रहे विरोध के बीच बीसीसीआई ने केकेआर को बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को अपनी टीम से हटाने के निर्देश दिए हैं और केकेआर की ओर से खिलाड़ी को रिलीव भी कर दिया गया है। केकेआर के इस फैसले पर राजनीति के गलियारों में भी हलचल देखने को मिली है।
रायपुर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टीएस सिंह देव ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति और बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति को देखते हुए कभी-कभी ऐसे कदम उठाए जाते हैं, लेकिन भारत में भी सरकार को ऐसे कदम उन लोगों के खिलाफ उठाने जाने चाहिए जो किसी बेकसूर को धर्म के आधार पर मार देताे हैं।
उन्होंने छत्तीसगढ़ के एक युवा का जिक्र करते हुए कहा कि वो शख्स काम की तलाश में केरल गया था, लेकिन उसे बांग्लादेशी मानकर मार दिया गया। अगर हमारा देश ऐसी हिंसा को पूरी तरह से गलत मानता है, तो यह हमारे लिए भी यहां ऐसी ही घटनाओं पर सोचने का समय है। हमने करीब से देखा है कि जब बेगुनाह लोगों, खासकर युवाओं की जान जाती है, तो कितना दर्द होता है। हमारे देश में भी ऐसी कई घटनाएं हुई हैं।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति के परिप्रेक्ष्य में हम बांग्लादेशी क्रिकेटर के रिलीव होने के फैसले का स्वागत कर सकते हैं, फैसले की सराहना करते हैं, लेकिन भारत में होने वाली घटनाओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
कांग्रेस नेता भूपेश बघेल के बेटे को हाई कोर्ट से जमानत मिलने पर टीएस सिंह देव ने कहा कि ऐसी गिरफ्तारियां बहुत दुर्भाग्यपूर्ण हैं। ईडी और दूसरी एजेंसियों द्वारा संवैधानिक प्रावधानों का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है, और यह पूरी तरह गलत है। सिर्फ चैतन्य ही नहीं, अगर हम उदाहरण देखें तो झारखंड, दिल्ली के मुख्यमंत्री, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और दूसरे मंत्री को गिरफ्तार किया गया। यह साफ है कि लोगों को बिना किसी फैसले के सजा दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि कानून भी कहता है जब तक आरोप सिद्ध न हो जाए, किसी को आप गुनहगार नहीं कह सकते हैं।
--आईएएनएस
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