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बंगाल की खाड़ी में बहकर गए वैज्ञानिक डेटा बॉय को तटरक्षक बल ने बचाया

 

नई दिल्ली, 5 जुलाई (आईएएनएस)। बेहद चुनौतीपूर्ण समुद्री परिस्थितियों में भारतीय तटरक्षक बल ने बंगाल की खाड़ी से बहकर गई वैज्ञानिक डेटा बॉय को सुरक्षित निकाला है। यह सफल कार्रवाई एक बड़ी सफलता के तौर पर देखी जा रही है। दरअसल, बंगाल की खाड़ी में यह अपनी निर्धारित स्थिति से बहकर दूर चली गई थी। यह एक एमओईएस-एनआईओटी वैज्ञानिक डेटा बॉय है। भारतीय तटरक्षक बल ने इसको सफलतापूर्वक खोजकर सुरक्षित अपने नियंत्रण में ले लिया है। चुनौतीपूर्ण समुद्री परिस्थितियों के बीच भारतीय तटरक्षक बल के जहाज रानी गैदिन्लियू ने इस अभियान को पूरा किया।

रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, यह अभियान समुद्र में वैज्ञानिक उपकरणों की सुरक्षा और संरक्षण के प्रति भारतीय तटरक्षक बल की प्रतिबद्धता का एक और उदाहरण है। जानकारी के अनुसार, यह वैज्ञानिक डेटा बॉय आंध्र प्रदेश के नेल्लोर तट के पास अपनी निर्धारित स्थिति से 150 किलोमीटर से अधिक दूर बह गई थी। समुद्र में तेज हवाओं और कठिन परिस्थितियों के बावजूद तटरक्षक दल ने सटीक खोज अभियान चलाकर इस बहुमूल्य वैज्ञानिक उपकरण को सुरक्षित बरामद कर लिया। यह डेटा बॉय समुद्री वातावरण से जुड़े महत्वपूर्ण वैज्ञानिक आंकड़े, जैसे समुद्र की लहरों, तापमान, धाराओं, मौसम तथा अन्य समुद्री परिस्थितियों का डेटा एकत्र करती है। इन आंकड़ों का उपयोग मौसम पूर्वानुमान, समुद्री अनुसंधान, तटीय सुरक्षा, आपदा प्रबंधन तथा समुद्री गतिविधियों की निगरानी में किया जाता है।

भारतीय तटरक्षक बल ने कहा कि अपने निर्धारित दायित्वों के तहत वह केवल समुद्री सुरक्षा, खोज एवं बचाव तथा प्रदूषण नियंत्रण तक ही सीमित नहीं है, बल्कि समुद्र में स्थापित वैज्ञानिक उपकरणों और अनुसंधान परियोजनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस प्रकार के अभियानों से देश की समुद्री वैज्ञानिक गतिविधियों को निरंतर समर्थन मिलता है और महत्वपूर्ण वैज्ञानिक उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

बता दें कि बीते सप्ताह ही समुद्र में उठती तेज लहरों, काफी जोर से चल रही हवाओं और कम रोशनी के बीच भारतीय तटरक्षक बल ने अद्भुत साहस और तत्परता दिखाते हुए छह मछुआरों की जान बचाई थी। तटरक्षक बल के मुताबिक, 29 जून की शाम कर्नाटक के मंगलूरु तट के पास मछली पकड़ने वाली नौका ‘मंजू माथा’ संकट में फंस गई थी। सुरथकल तट से करीब 33 समुद्री मील दूर मौजूद इस नौका में समुद्र की उग्र परिस्थितियों के कारण पानी भरने लगा। समुद्र में मौजूद इस नौका के ढांचे को भी नुकसान पहुंचा। इससे नौका में सवार छह मछुआरों के सामने जान का खतरा पैदा हो गया।

मंगलूरु के समीप सुरथकल तट से लगभग 33 समुद्री मील दूर स्थित भारतीय मछली पकड़ने वाली नौका मंजू माथा से भेजा गया था। नौका में समुद्र की खराब परिस्थितियों के कारण पानी भरने लगा था। संदेश मिलते ही तटरक्षक बल ने बिना समय गंवाए अपने पोत का रुख संकटग्रस्त नौका की ओर मोड़ दिया। महज 90 मिनट के भीतर बचाव दल मौके पर पहुंच गया। हालांकि, यह बचाव अभियान आसान नहीं था। ऊंची लहरें, तेज हवाएं, कम दृश्यता और बढ़ता अंधेरा अभियान में लगातार बाधा डाल रहे थे।

इसके बावजूद तटरक्षक बल के जवानों ने धैर्य और कुशलता का परिचय दिया। उन्होंने विशेष व दूरस्थ नियंत्रित लाइफबॉय समुद्र में उतारे और एक-एक कर सभी मछुआरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

--आईएएनएस

जीसीबी/डीकेपी