×

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथियों की पिकनिक शुरू, पांच दिन तक करेंगे आराम

 

भोपाल, 24 सितंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में गुरुवार से पालतू हाथियों की पांच दिवसीय पिकनिक शुरू हो गई है। इस दौरान हाथियों को काम से पूरी तरह आराम दिया जा रहा है। उन्हें नहलाने के साथ अरंडी के तेल से मालिश की जा रही है। चंदन-वंदन कर उनका सम्मान किया जा रहा है। इसी के साथ उन्हें गन्ना, गुड़, सेब और नारियल जैसे भोजन भी खिलाए जा रहे हैं।

दरअसल, विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पालतू हाथियों की पांच दिवसीय पिकनिक इन दिनों आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यह पिकनिक धमोखर बफर के जंगल में मनाई जा रही है। जंगल की सुरक्षा और वन विभाग के महत्वपूर्ण कार्यों में अपनी भूमिका निभाने वाले इन हाथियों को पांच दिनों के लिए पूरी तरह आराम दिया जा रहा है। इस दौरान उनसे किसी भी तरह का काम नहीं लिया जा रहा है और जमकर खातिरदारी की जा रही है।

पिकनिक के दौरान हाथियों को नहलाया जा रहा है। इसके बाद अरंडी के तेल से उनकी मालिश की जा रही है और चंदन-वंदन कर उनका सम्मान भी किया जा रहा है। वहीं, इनके भोजन का भी खास इंतजाम किया गया है। हाथियों को गन्ना, गुड़, सेब और नारियल जैसे रुचिकर खाद्य पदार्थ खिलाए जा रहे हैं।

इस शाही पिकनिक में बांधवगढ़ के खास हाथी भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इनमें गौतम, जिसका जन्म वर्ष 1946 में हुआ था और अनारकली, जिसका जन्म वर्ष 1964 में हुआ था, खास तौर पर चर्चा में हैं। इनके साथ बांधवी, कृष्णगज, पूनम और बरखा भी पिकनिक का आनंद लेते नजर आ रहे हैं।

बांधवगढ़ के जंगलों में आम दिनों में यही हाथी वन अमले के साथ गश्त, निगरानी और वन्यजीवों से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में सहयोग करते हैं। ऐसे में चार दिनों का विश्राम इनके लिए खास मौका है। इन पालतू हाथियों की पिकनिक किसी शाही मेहमाननवाजी से कम नहीं है। उम्रदराज गौतम और अनारकली से लेकर उनके बच्चों तक, सभी इस खास आयोजन में आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

इसको लेकर महावत नारायण सोनी ने कहा कि सुबह इन हाथियों को नहलाने के लिए ले जाते हैं। हाथियों को नहलाने के बाद इनके पैरों में नीम का तेल लगाया जाता है। इसके बाद इन्हें सजाया जाता है। हाथियों की यह पिकनिक पांच दिनों की है। इस दौरान इन्हें पूर्ण रूप से आराम दिया जाता है। इनसे कोई काम नहीं लिया जाता है। इस दौरान मनपसंद खाना खिलाया जाता है। इन हाथियों का समय-समय पर हेल्थ चेकअप भी किया जाता है, जिसमें यूरिन, ब्लड, आदि टेस्ट शामिल हैं।

--आईएएनएस

डीके/एबीएम