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बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल भेजने वाले शख्स तक पहुंची दिल्ली पुलिस, जांच में बड़ा खुलासा

 

नई दिल्ली, 3 जुलाई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), इसरो, डीआरडीओ, न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल), नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एयर इंडिया की एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल मामले में दिल्ली पुलिस ने एक संदिग्ध को खोज निकाला। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि धमकी भरे ईमेल फर्जी थे और किसी भी स्थान से कोई विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई है।

नई दिल्ली जिला पुलिस के अनुसार, 29 जून को कई संवेदनशील संस्थानों को ईमेल के जरिए बम धमकी भेजी गई थी। ईमेल में दावा किया गया था कि एनआईए मुख्यालय, इसरो, एनपीसीआईएल, डीआरडीओ, नागरिक उड्डयन मंत्रालय तथा नई दिल्ली से न्यूयॉर्क जा रही एयर इंडिया की एक उड़ान में बम रखा गया है।

धमकी मिलने के बाद सभी संबंधित एजेंसियों को तत्काल अलर्ट किया गया और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत व्यापक जांच और सत्यापन अभियान चलाया गया। जांच में कोई भी धमकी वास्तविक नहीं पाई गई।

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने ईमेल ट्रेल का विश्लेषण किया और उन दो जीमेल खातों की पहचान की, जिनका इस्तेमाल कथित रूप से धमकी भरे ईमेल भेजने के लिए किया गया था। तकनीकी जांच के आधार पर इन खातों से जुड़े मोबाइल नंबर का पता लगाया गया।

तकनीकी निगरानी के जरिए जांच टीम 30 जून को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित गोविंद नगर के संयोग नगर इलाके तक पहुंची। इसके बाद चाणक्यपुरी सब-डिवीजन की पुलिस टीम ने एसीपी अर्शदीप सिंह पंवार की निगरानी में कार्रवाई करते हुए संयोग नगर बैंक कॉलोनी स्थित एक मकान पर पहुंचकर संदिग्ध की पहचान की।

पुलिस के अनुसार, संदिग्ध की पहचान निशांत त्यागी (36) के रूप में हुई है, जो गाजियाबाद के संयोग नगर बैंक कॉलोनी का निवासी है। पूछताछ में पता चला कि उसने ओपन स्कूलिंग के माध्यम से पढ़ाई की थी और वर्ष 2010 में स्नातक पाठ्यक्रम में दाखिला लिया था, लेकिन पढ़ाई पूरी नहीं कर सका।

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि निशांत त्यागी वर्ष 2008 से एक बीमारी से पीड़ित है और पिछले कई वर्षों से विभिन्न प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में उसका इलाज चल रहा है। परिवार के सदस्यों ने भी पुलिस को उसकी लंबे समय से चली आ रही स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जानकारी दी है।

पुलिस ने बताया कि अब तक की जांच में उसके द्वारा भेजे गए ईमेल फर्जी धमकी वाले संदेश पाए गए हैं। जांच के दौरान उसके पास से कोई विस्फोटक सामग्री या अन्य संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है।

नई दिल्ली जिला पुलिस के उपायुक्त सचिन शर्मा ने कहा कि मामले की जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ईमेल भेजने के पीछे उसका उद्देश्य क्या था और किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया गया। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

--आईएएनएस

एएमटी/वीसी